सूचना का अधिकार,2005

776
17

सूचना का अधिकार,2005

rit2सूचना के अधिकार के इस विशेष कॉलम में अभिनव राजस्थान के आरटीआई विशेषज्ञ महावीर पारिक आरटीआई से संबधित जानकारियंा दे रहे हैं।
1. किसी भी लोकसेवक के लिए यह अनिवार्य होता है कि वह अपने विभाग और अपने पद से सम्बंधित कानूनों और नियमों की जानकारी रखे। इन कानूनों और नियमों का पालन नहीं करने पर और ऐसा करके विभाग या आमजन को नुकसान पहुँचाने पर उसके विरुद्ध सिविल सेवा नियमों के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम भी भारत और राजस्थान के शासन का बनाया कानून हैं। इसका अपमान करना सेवा नियमों के विपरीत हैं। सूचना नहीं देने, देरी से देने या गलत देने पर इन नियमों-कानूनों का उल्लंघन होता हैं।
2. अगर लोक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना न देने या गलत देने पर अपील में यही सूचना देनी पड़ती है तो फिर आवेदक को उन प्रतियों के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता हैं। यानि तब सूचनाएँ नि:शुल्क मिलती हैं, ऐसे में लोक सूचना अधिकारी की भूल का खामियाजा शासकीय कोष को होता हैं। सभी अधिकारी जानते हैं कि राजकोष को नुकसान पहुँचाने का क्या अंजाम होता हैं। विभाग को कागजी सबूत के लिए कहीं और नहीं जाना होगा, नि:शुल्क प्रतियाँ देने में आये खर्च का रिकोर्ड पास में ही होता हैं।
3. भारतीय दंड संहिता की धारा 166 और 167 में लिखा है कि लोकसेवक होते हुए आप जानबूझकर ऐसा कार्य नहीं कर सकते जिससे किसी को कोई क्षति पहुंचे। सूचना नहीं देकर मानसिक और आर्थिक क्षति पहुंचाने का काम करते ही इस धारा के उल्लंघन में अदालत में मुकदमा दर्ज हो सकता हैं, साथ ही दंड संहिता की धारा 217 में अपील अधिकारियों द्वारा अपने अधीन काम कर रहे लोक सूचना अधिकारियों की गलतियों को छुपाने पर दंड का प्रावधान हैं। द्वितीय अपील में आवेदक के जाने पर प्रथम अपील अधिकारी भी बराबर के दोषी हो जाते हैं।
4. सूचना के अधिकार अधिनियम का अपमान करके कोई भी अधिकारी संसद और विधानसभा की भी अवमानना का दोषी हो जाता हैं, इन सदनों में बने कानूनों का पालन करना सभी लोकसेवकों का कर्तव्य होता है वरना इन सदनों की क्या उपयोगिता रह जायेगी?
5. सूचना नहीं देने, गलत देने या देरी से देने पर लोक सूचना अधिकारी के प्रशिक्षण पर सवाल खड़ा हो जाता हैं। प्रशिक्षण नहीं होने या प्रशिक्षण पर हुए खर्च और उसके मूल्यांकन पर भी प्रश्न चिन्ह लग जाता हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here