सुचना के अधिकार में कितनी ताकत है आओ जाने

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सुचना के अधिकार में कितनी ताकत है आओ जाने  
rti 22010 के पंचायती राज के आम चुनावो के ठीक हमारे यहाँ (लाडनूँ) के ग्रामपंचायत इन्दरपुरा के ग्राम खींवज में सत्ता (राज) बदलगया । मगर सब ठीक ठाक चल रहा था , लेकिन समय के साथ कर्मचारी और नेता दोनू अपने चरण पड़ाव पर चल रहे थे , तबी हमारे गाँव में दूसरे गाँव से आने वाले पानी की सप्लाई में भी राजनीती असर दिखाने लगी ओर पानी सप्ताह में एक दो दिन फिर एक दिन बीतते बीतते 15 दिन से फिर महीने से और आखिर 2011 में पानी की सप्लाई बंद और वो भी पाइप लाइन में सीमेन्ट और कंकृतदल कर लाइन को ही चोक कर दिया गया । अब एक तरफ बड़ा राज भाजपा का और हमारे गाँव के सरपंच सहाब का राज बदल गया और गांव की देख रेख कम ,किसी ने ध्यान नहीं दिया पानी पर और उस दूसरे गाँव से आने वाले पानी को भूल सा गए लोग । मगर मुझे सुचना के अधिकार का पावर का पता था और एक RTI हमारे गाँव के लिए लगाई दिसम्बर 2015 को और AEN सहाब ने निरिक्षण का बुलावा भिजवाया , और में भी बुलावे के हिसाब से सहाब को जाते ही पहला सवाल पूछा की मुझे ये बताये की झलमल से खींवज के लिए आने वाले पानी जो वाया लाछड़ी होते हुए खींवज पहुँचता था वो कब से बंद है और बंद का कारण बताये। बताये तो बताये क्या और हाथ जोड़ कर कहने लगे में 2-3 महीने में वापस चालू करवा दूंगा ,ऐसे करते करते 13 जून 2016 को हमारे गाँव में खुशी की लहर आ गई। मगर देखने की बात ये रही की वो लाइन कागजो में अभी भी चालू थी। तब लोगो को पता चला की ये राजनेता अपनी खुशी के लिए दुसरो का हक छीन लेते है। Mahaveer Pareek , Ladnu