मीडिया के एक वर्ग में प्रकाशित दो खबरों के बारे में खेल मंत्रालय का स्पष्टीकरण

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कुछ समाचार पत्रों में 14/7/2016 को प्रकाशित खबर “भारतीय पहलवानों के लिए कोई महिला फिजियो नहीं” के संदर्भ में यह कहा जाता है कि एथलीटों के साथ जाने वाले सहायक कर्मियों की संख्या के बारे में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने एक सीमा निर्धारित कर रखी है। आईओसी के अनुसार ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या के केवल 50 प्रतिशत सहायक कर्मी ही खिलाड़ी दल में शामिल किये जा सकते हैं। हालांकि, भारतीय खेल प्राधिकरण महिला एथलीटों की मदद के लिए महिला फिजियोथेरेपिस्ट की व्यवस्था कर रहा है।

एक और खबर ‘स्प्रिंट क्वीन दुती चंद को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में नई नौकरी पाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है’ 14/7/2016 को मीडिया के एक वर्ग में प्रकाशित हुई है। इस बारे में स्पष्ट किया जाता है कि इस खबर के अनुसार दुती चंद को ओडिशा सरकार के एक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम, ओडिशा खनन निगम में सहायक प्रबंधक की नौकरी की पेशकश की गई है। फिलहाल  दुती चंद भारतीय रेलवे में टिकट परीक्षक (टीटीई) के रूप में काम कर रही है। सुश्री दुती चंद से स्थिति का पता लगाने के लिए संपर्क किया गया। यह पता चला है कि  दुती चंद को अभी भारतीय रेल में त्यागपत्र प्रस्तुत करना है। खेल विभाग ने रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड (आरएसपीबी) के सचिव से बात की है। आरएसपीबी के सचिव ने  दुती चंद को आश्वासन दिया है कि भारतीय रेल से कार्य मुक्त करने से संबंधित औपचारिकताओं में सुश्री दुती चंद का औपचारिक त्याग पत्र मिलने के बाद तेजी लाई जाएगी।