एक बहन ऐसी भी ……..

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पुष्कर । पूरे देश मे रक्षा बंधन का त्यौहार मनाया जा रहा है बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर इस त्यौहार को मनाने मे लगी है ओर अधिक से अधिक समय अपने परिवार के साथ बीता रही है ऐसे मे एक बहन ऐसी  भी है जिसने  पिछले सत्रह सालों से राखी के इस त्यौहार को उन लोगों को समर्पित कर दिया है जिनका खुद के ही घर वालों ने साथ छोड़ दिया है ।

पुष्कर की समाज सेविका ज्योति दाधीच ने अपनी गंभीर बीमारी से छुटकारा पाने के बाद असहाय ओर वृद्ध लोगों की सेवा करने की ठानी थी इसी के चलते ज्योति को आज  पुष्कर के वृद्धाश्रम के  बुजुर्ग लोग  जिन्होंने अपने घर वालों के नाम भले ही भुला दिए हो पर इनको इनके नाम से जानने लग गए है  ।

वृद्धाश्रम के बुजुर्गों का कहना है की ज्योति पिछले 17 सालों से रक्षाबंधन के  त्यौहार को उनके साथ मनाती आई  है इसी कारण आज भले ही उनके खुद के परिवार वालों के साथ वो नहीं है फिर भी उनकों उनकी सगी बहनों जैसा प्यार मिला है ज्योति यहाँ पर इन बुजुर्गों के लिए अपने सगे भाई के घर पर जाने के लिए जो राखिया ओर मिठाईया खरीदती है वैसी ही राखिया ओर मिठाईया इनके लिए लेकर आती है । ज्योति दाधीच रक्षा बंधन के अलावा दीपावली , होली ओर लगभग सभी त्यौहार इन बुजुर्गों के साथ मनाती है ।  इसी के चलते ज्योति की इस पहल की  सभी ने  सराहना की है ।

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