मजहब की वजह बनी करियर में रूकावट पाकिस्तान किक्रेटर

859
5

Danish-Kaneria-006नॉएडा(मोहन जयपाल)मानव जीवन में मजहब को आस्था का प्रतीक माना जाता है। चाहे वह कोई भी मजहब क्यों न हो, लेकिन सोचनीय विषय तो तब लगता है। जब किसी व्यक्ति के काबलियत पर मजहब की वजह से आंच आ जाए। इसे विडम्बना ही कहेगें जो मजब के कारण किसी का करियर दांव पर लग जाता है। क्या मानवता सबसे बड़ा मजहब नहीं जिससे उनकी काबलियत पर किसी मजब की वजह से प्रश्न चिन्ह ना लगे। एक ऐसी ही घटना है जो कुछ तो बयान करती है।

318882_67329877.jpg 000दानिश कनेरिया पाकिस्तान प्रांत के कराची में हिन्दू गुजराती कन्युनिटी के परिवार से है। मूलत: उनकी फैमिली गुजरात के सूरत से है। कराची के एक गुजराती बिजनेसमैन कावस मुला की सलाह पर कनेरिया क्रिकेट में आए थे पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर अनिल दलपत उनके कजिन हैं। अनिल और कनेरिया ही पाकिस्तान के लिए क्रिकेट खेलने वाले दो हिंदू क्रिकेटर हैं। पाकिस्तान क्रिकेट में दानिश कनेरिया का नाम एक समय में काफी प्रसिध्द था लेकिन आज यह स्टार क्रिकेटर को गुमनाम-सी जिंदगी जीने को मजबूर है। जब मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि उन्होंने BCCI से मदद मांगी है।

लंबे समय बाद कनेरिया इसी साल जनवरी में सुर्खियों में आए थे, कनेरिया के अनुसार हिंदू होने के कारण उनके साथ पाकिस्तान में भेदभाव हो रहा है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद ने कुछ खुलासा किया है जो इस किक्रेटर की हालात ऊजागर कर रहे है। पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया की नवाज शरीफ सरकार इसलिए मदद नहीं कर रही क्योंकि वे हिंदू हैं वे लाइफटाइम बैन का सामना कर रहे है। पाकिस्तान की पार्लियामेंट यानी नेशनल असेंबली की एक कमेटी के मेंबर्स ने ही यह खुलासा किया है।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद रमेश कुमार वंकवानी ने इंटर स्टेट को-ऑर्डिनेशन से जुड़ी नेशनल असेंबली की स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में कहा – “पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड दानिश प्रभाशंकर कनेरिया को फाइनेंशियल और कानूनी मदद नहीं दे रहा है, क्योंकि वे हिंदू कन्युनिटी से है। पाकिस्तान के न्यूजपेपर डॉन की खबर के मुताबिक, इस कमेटी के चेयरमैन पख्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी के अब्दुल कहार खान वदान हैं। उनकी बुलाई मीटिंग में पीसीबी के फाइनेंशियल मामलों और नेशनल क्रिकेट टीम की परफॉर्मेंस समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

सांसद रमेश ने कहा- “कनेरिया की मदद देश के दूसरे क्रिकेटर की तरह नहीं की जा रही है।”कमेटी के एक और मेंबर इकबाल मुहम्मद अली ने भी कहा- “कनेरिया के पास पैसे नहीं हैं और वह खुद अपना केस नहीं लड़ सकता है। ऐसे में, पीसीबी को मदद करनी चाहिए।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here