चहुंमुखी विकास की नींव है विमुद्रीकरण

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गीतांजलि पोस्ट…….उदयपुर , 12 नवम्बर । समुत्कर्ष समिति,उदयपुर द्वारा यहां 32 वीं मासिक समुत्कर्ष विचार गोष्ठी का आयोजन राजकीय फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय, सूरजपोल में किया गया ।
‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक : मुद्रा का विमुद्रीकरण ‘ विषयक कार्यक्रम का संचालन संदीप आमेटा , कार्यक्रम में अध्यक्षता समुत्कर्ष पत्रिका के सम्पादक सम्पादक रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने की।

विषय प्रवर्तन करते हुए रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक के बाद की हालात का वर्णन करते हुए कहा कि आज पूरे देश में इस घटनाक्रम के बाद स्वाभिमान का वातावरण है। हर देशवासी स्वाभाविक असुविधा को सहर्ष स्वीकारते हुए इस दूरगामी परिणामकारी निर्णय के साथ खडा दिख रहा है । विज्ञान विशारद श्यामसुंदर चौबीसा ने इसे काले धन पर उठाया गया अब तक का सबसे बड़ा कदम बताया ।
सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक राजेंद्र जैन ने बताया कि इस निर्णय के बाद 500-1000 के नोट प्रचलन में बंद होने के बाद कतिपय तत्वों द्वारा मुद्रा को इधर उधर चलाने के प्रयत्न नितान्त गैरकानूनी है। अपनी आय के अतिरिक्त राशि अपने खाते में किसी सूरत में ना जमा करायें ।
मीरा कन्या महाविद्यालय के अर्थशास्त्र के प्राध्यापक डॉ अशोक सोनी ने इस निर्णय के पीछे का प्रमुख कारण जाली नोटों के चलन को बताया जो कि विदेशी ताकतें भारत में प्रवाहित किये जा रही है । दूसरा बड़ा कारण काले धन से छुटकारा पाना है जो कि रियल एस्टेट आदि कई तरीकों से अपनी जड़ें जमाए बैठा है। वर्तमान करेंसी की कृत्रिम कमी बहुत जल्द ही समाप्त हो जाएगी।
भौतिकी के विचारक भरतकिशोर चौबीसा ने मुद्रा के विमुद्रीकरण को देश की सेहत सुधारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम बताया । उन्होंने चेतावनी दी कि काला धन फिर पैदा न हो इस बारे में सावचेत रहना होगा।
अर्थशास्त्री डॉ श्रीचन्द जीवनानी ने सफेद अर्थव्यवस्था में सबका स्वागत करते हुए विमुद्रीकरण का अर्थ स्पष्ट किया। पाकिस्तान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ सड़कों पर भारतीय मुद्रा पाया जाना एक स्पष्ट संकेत है कि भारत में जाली नोटों की बाढ़ के पीछे कौन है। इस निर्णय के बाद देश में केपिटल फ्लो होने वाला है। जीवनानी ने रियल एस्टेट, सोने आदि काले धन की जननियों से बचने की बात कहते हुए वैधानिक उपायों से मनी रोटेशन करें ।
गोपाल लाल माली ने आगामी समय मे भारत की अर्थव्यवस्था में पंख लगने की उम्मीद जताई । पूरे विश्व में भारत के प्रति एक विश्वास का भाव पैदा हुआ है ।
संदीप आमेटा ने सबसे आग्रह किया कि करेंसी को लेकर चल रही अफवाहों से स्वयं सचेत रहते हुए दूसरों को भी जाग्रत करें। साथ ही किसी के लालच में ना आते हुए अपने बैंक खाते में किसी ओर के रुपये जमा न कराये । एेसा करके हम सरकार के इस निर्णय के पीछे की मंशा को पूरी कर देश के प्रति अपना कर्तव्य पूरा कर पाएँगे।