आतंकवाद के खिलाफ़ डॉक्युमेंटरी फि़ल्म बनाऊँगा-अक्की

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हाल ही में मुंबई से चक्रवर्ती अशोका सम्राट की शूटिंग पूरी करके राजस्थान लौटे अयूब खान से एक मुलाकात गीतांजलि पोस्ट समाचार-पत्र की संपादिका रेणु शर्मा जिन्होने उभरते हुए बालिवुड़ स्टार अयूब खान अक्की का साक्षात्कार लिया। बचपन से एक्टिव रहने वाले अक्की बालिवुड़ में भी एक्टिव रहते हैं जो उनके अभिनय से झलकता हैं साथ ही धर्म निरपेक्षता में विश्वास रखते हैं इसलिये ख़ुद का नाम अक्की इंडीयन लिखते है।
रेणु – अक्कीजी , बहुत सारे प्रोफेसनश हैं आपके बालिबुड़ में आने का स्पेेशल कारण क्या हैं ?
अक्की- मेड़म , कई बार ऐसा होता हैं हम जो चाहते हैं वही होता हैं। स्कूल में था जब मेने पहली बार बार मंच पर अंग्रेजी में स्पीच दिया तब गांव के संरपच ने मुझे सिल्वर का मेंड़ल दिया। उस समय मेडल से मुझे जो , खुशी मिली उसे में शब्दों में नही बता सकता। उसके बाद हर साल स्पीच देने लगा मेरे स्पीच पर ऑडियंस की तालियां और हौसला अफजाई से दिल में बहुत ख़ुशी होती थी धीरे धीरे बड़ा एक्टर बनने का सपना पलने लगा ओर मेरा रूझान एक्टिंग की ओर होता गया। अभिनय का शौक़ जयपुर ले आया। जयपुर में रवीन्द्र मंच पर थिएटर करने के साथ साथ उस्मान भाई के साथ प्रोपटी का व्यवसाय किया। 2001 में सत्तू राजस्थानी के निर्देशन में बने सीरीयल राजस्थान के सुपरस्टार में प्रथम स्थान प्राप्त किया। समीर राज के साथ रवीन्द्र मंच पर बहुत से नाटक किए जिनमें मुख्य वाह! जनाब, ताजमहल का टेंडर, अकड़ू पकड़ू, पानी रे पानी, हेल्लो मेडम आदि हैं।
aरेणु – अक्कीजी आपने बालिवुड़ में अपनी पहचान कैसे बनायी ?
अक्की- मेड़म , मेरे परिवार से कोई भी फिल्म लाइन से नहीं है इसलिए किसी ने कोई सपोर्ट नहीं किया। पापा की तरफ से यस था मगर वे शुरू से विदेश में रहते थे। मुझे कोई राह नजर नहीं आ रही थी। अभिनय का शौक़ मुझे जयपुर ले आया। गांव से जयपुर थिएटर तक तो पहुंच गया मगर वह रहना और खाना बहुत मुश्किल था, वहा मेरे बचपन के दोस्त उस्मान खान ने मुझे सहयोग दिया।  रवींद्र मंच पर घूमते घूमते समीर राज़ से मुलाकात हुई तब उनके साथ थिएटर करने का मौका मिला उनके साथ काफी नाटको म काम किया।
इंडिया आने के बाद निर्देशक लखविन्द्र सिंह एवं निर्माता एन के मित्तल की मूवी मज़ो आ गयो और काल्या एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी, राज जागिड द्वारा अभिनीत महारो घर महारो मंदिर जिसके निर्देशक कुमार आचार्य है, में नेगेटिव किरदार निभाया। इसके अलावा जयपुर के युवा निर्देशक यजूवेंद्र सिंह बिका के साथ अब तो जाग इंडीया हिंदी शार्ट मूवी में काम करके समाज को महिलाओं के उत्पीडऩ एवं बच्चों की किडऩेपिंग जेसे मामलों से अवगत कराया। आने वाली हिंदी मूवीज 52 कुँवारे, फि़ल्मी बोयज और वैष्णवी फि़ल्मस के बैनर तले बन रही हिंदी फि़ल्म वैष्णवी में फि़ल्म की लीड एक्टरेस माहिया दाधीच के अपोजि़ट लीड विलेन के अहम् किरदार में हैं।
मुम्बई में महाराणा प्रताप, वीर हनुमान, सावधान इंडीया, क्राइम पेट्रोल आदि सीरीयलस में अभिनय किया मगर पहचान कलर्स चेनल के सीरियल चक्रवर्ती अशोका सम्राट में सेनापति के केरेक्टर से मिली।
रेणु – अक्कीजी , बालिवुड़ में आप किसी के फेन भी हैं क्या ?
अक्की- हॉ , बचपन से अक्षय कुमार का बिग फैन था उनकी हर चीज फॉलो करता था। जब अक्षय कुमार की शादी हुई तो मेने स्कूल में लड्डू बाटे थे।(हंसते हुए बताते है)
 रेणु – अक्कीजी आगे की क्या प्लानिंग हैं ?
अक्की- अभी पिछले महिने चक्रवर्ती अशोक सम्राट ख़त्म करके आया हु, फि़लहाल कुछ दिन राजस्थान में रहकर आतंकवाद के खिलाफ़ एक डॉक्युमेंटरी फि़ल्म बनाऊँगा, जिसका टाइटल अभी गुप्त रखा गया है, इस फि़ल्म को इंटर्नैशनल फि़ल्म फ़ेस्टिवल्ज़ में भेजा जाएगा।
रेणु – अक्कीजी , अपने व्यक्तिगत जीवन के वारे में कुछ बताईये ?
अक्की- मेड़म , राजस्थान के सीकर जिले में छोटे से गाँव सिंगरावट में जन्म हुआ और वहीं स्कूलिंग हुई। 10 वीं में था तब तडपते एह्सास नाम से शेरो शायरी की बुक पब्लिश की। घरवालों ने शादी कर दी। शादी हो गयी पर इनकम कुछ हो नहीं रही थी तो पापा के पास सऊदी अरब चला गया उनका बिजऩेस सम्भाले। सऊदी में पैसा अच्छा था मगर मेरे सपनों ने मेरी नींद उड़ा रखी थी खुद को एक्टर के रूप में देखता था । सऊदी अरब में भी इंडियन्स के साथ खूब एक्टिन्गस , जोक्स वगेराह करता था तब सब यही बोलते थे तुम मुम्बई चले जाओ यार। सऊदी में ही पाप का इन्तेकाल हो गया ब्रेन हेमरेज की वजह से तब में बहुत टूट गया था और छ साल अरब में रहने के बाद में इंडिया चला आया।