कांग्रेस नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह लवली ने बीजेपी का थामा दामन

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कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्‍होंने भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में सदस्‍यता ली। शाह ने उन्‍हें गुलदस्‍ता दिया और मिठाई खिलाई। दिल्‍ली भाजपा अध्‍यक्ष मनोज तिवारी भी इस दौरान मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वह एमसीडी चुनावों के लिए टिकट बंटवारे से नाराज थे। उनकी दिल्‍ली कांग्रेस अध्‍यक्ष अजय माकन से पटरी नहीं बैठ पाई। हालांकि समझाइश का दौर चला लेकिन बात बन नहीं बनी। कांग्रेस ने 2015 में दिल्‍ली विधानसभा का चुनाव लवली के नेतृत्‍व में ही लड़ा था। वे शीला दीक्षित के नेतृत्‍व वाली सरकार में शिक्षा मंत्री भी बने थे। 2015 में चुनाव हारने के बाद उन्‍हें हटाकर अजय माकन को दिल्‍ली कांग्रेस का अध्‍यक्ष बना दिया गया था।
अरविंदर सिंह लवली के कांग्रेस छोड़ने पर पूर्व मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित ने निराशा जाहिर की है। उन्‍होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि दुर्भाग्‍यजनक है। जिन नेताओं को पार्टी से सब कुछ मिला वे भी छेाड़कर जा रहे हैं तो फिर किस पर भरोसा किया जाए। दिल्‍ली कांग्रेस के वर्तमान अध्‍यक्ष नेताओं तक पहुंच नहीं रहे हैं। लोगों के पार्टी छोड़ने का एक यह भी कारण हैं।
लवली दिल्ली में कांग्रेस के लिए पंजाबी वोटर्स में प्रभावशाली चेहरा थे। अरविंदर लवली कांग्रेस आलाकमान के करीबी माने जाते थे। वे गांधी नगर सीट से विधायक रहे हैं। उनके साथ किराड़ी से कांग्रेस विधायक रहे अमित मलिक भी भाजपा से जुड़ गए। बताया जाता है कि लवली पिछले 15 दिन से भाजपा के संपर्क में थे। कांग्रेस के 15-20 अन्‍य नेता भी पार्टी छोड़ने की कवायद में हैं। खबरें है कि कांग्रेस के कई बड़े नेता एमसीडी चुनावों में अनदेखी से नाराज हैं। इनमें हारून रशीद और संदीप दीक्षित के नाम भी शामिल हैं। ये अजय माकन की कार्यशैली से नाराज चल रहे हैं। पिछले दिनों ही तीन बार से कांग्रेस विधायक रहे और दिल्‍ली विधानसभा के पूर्व डिप्‍टी सीएम अमरीश गौतम भी भाजपा में चले गए थे।