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नकसीर करे परेशान तो क्या करें

गीतांजलि पोस्ट…… (अश्विनी शर्मा) ज्यादा गर्मी के कारण नाक से खून बहने लगता है जिसे नकसीर कहते हैं। नकसीर के उपचार के कई घरेलू नुस्खे हैं। वैसे नाक से खून निकलना अपने आप में कोई रोग नहीं है लेकिन, जब बार-बार नाक से खून निकलता है तब यह एक रोग बन जाता है। नाक की अंदरूनी सतह के पास की रक्त वाहिनियां फट जाती हैं। इस तरह की नोज ब्लीड जल्दी ही ठीक हो जाती है और बहुत कम उपचार की जरूरत होती है। कभी-कभी रक्त वापस मुंह में भी चला जाता है जिससे श्वास नलिका अवरूद्घ हो सकती है। यह गंभीर हो सकती है।

नकसीर के कारण
नाक अथवा दिमाग में अचानक चोट लगने, खून के भार में वृद्धि होने, पुराने जुकाम के बिगड़ जाने आदि के कारण नाक से खून बहने लगता हैं। नकसीर की समस्या मौसम के अनुसार शरीर में अधिक गर्मी बढने से भी होती है। कुछ लोगों को नकसीर की समस्या अधिक गर्म खाद्य-पदार्थ खाने से भी हो जाता है।

नकसीर की पहचान
नकसीर फूटने से पहले सिर में भारीपन मालूम पड़ता है। फिर अचानक सिर में दर्द हो जाता है7 दिमाग घूमने लगता है और कभी-कभी तेज चक्कर आ जाता है। इसके बाद बच्चे या युवक की नाक से गरम-गरम खून बहना शुरू हो जाता है। खून के बहने की क्रिया कभी तो नाक के बाएं नथुने से होती है और कभी दोनों नथुनों से। खून मुंह में आकर पेट में भी चला जाता है। इससे खांसी पैदा हो जाती है। रोगी घबरा जाता है। उसे सांस लेने में भी मुसीबत मालूम पड़ती है

नकसीर तुरन्त बन्द करने के उपाय
1. थोड़ा सा सुहागा पानी में घोलकर नथूनों पर लगाऐं नकसीर तुरन्त बन्द हो जाएगी।
2. जिस व्यक्ति को नकसीर चल रही है उसे बिठाकर सिर पर ठण्डे पानी की धार डालते हुए सिर भिगों दें। बाद में थोड़ी पीली मिट्टी को भिगोकर सुंघाने से नकसीर तुरन्त बन्द हो जाएगी।साथ ही तुंरत डॉक्टर से संपर्क करें।
3-जब नाक से खून बह रहा हो तो कुर्सी पर पीठ रखे बिना बैठ जाइए, इस बीच नाक की बजाए मुंह से सांस लीजिए।
4-रोगी के दोनों हाथों में बर्फ के टुकड़े रखने चाहिए तथा रोगी की नाक पर बर्फ को कपडे में लपेट कर रोगी के सिर के नीचे रखना चाहिए।
नकसीर की समस्या होने पर प्याज को काटकर नाक के पास रखकर सूंघिए।
5-रुई के फाहे को सफेद सिरके में भिगोकर उसे नाक की ओर रखने से खून बंद होगा। खून निकलते समय सिर को आगे मत झुकाइए बल्कि सिर को पीछे की तरफ रखिए।

नकसीर में क्या खाएं क्या नहीं
नकसीर फूटने पर गरम पदार्थों जैसे गरम मसाले, चाट-पकौड़े, चाय, कहवा, शराब या अन्य प्रकार के मादक पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। शरीर की सहनशीलता तथा स्वभाव से अधिक ठंडे पदार्थों को भी नहीं ग्रहण करना चाहिए। सम स्वभाव या तासीर के फल तथा सब्जियां खानी चाहिए। ठंडे पदार्थों का सेवन हितकारी रहता है। वैसे पित्त को शान्त करने वाले नुस्खों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

घरेलू नुस्खे अपनाने के बाद भी अगर आपको नकसीर से निजात नहीं मिल रही है तो चिकित्सक से संपर्क अवश्य कीजिए।






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