पुलिस,मिफिया, नेता का गठबंधन-बुन रहे कलमकारों के कफ़न

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कमलेश जैन
कमलेश जैन

सन्दर्भ :-पत्रकार कमलेश जैन हत्या कांड
गीतांजलि पोस्ट …….. मन्दसौर(राजेश पाठक लोकस्वामी) । लोकतंत्र में पत्रकार ही इक ऐसा किरदार होता है जो पूरे समाज को जाग्रत करने के साथ साथ अपराध पर लिखता है ,पुलिस की कमियां बताता है , सत्ताधीशों की नींदे उड़ाता है ,यानी प्रशासन ,माफिया और नेता यदि खबरों पर निष्पक्ष रूप से काम करने लगे तो पत्रकारों के ऊपर हो रहे हमले और उनकी हत्या करने का कोई दुस्साहस नहीं कर सकता मगर दुर्भाग्य से ये तीनो ही आपस में गलबहियां करते हुए अपनी जिम्मेदारियों की और मुहँ मोड़कर निकम्मे बने हुए है । भ्रष्टाचार की भांग इन तीनो को इस कदर चढ़ी हुयी है कि इनके सगे भी ठगे हुए महसूस करते है । पिपलिया मंडी पत्रकार की हत्या ज़ाहिर है किसी लायसेंसी पिस्तौल से तो नहीं की गयी होगी ,यानी अवैध हथियार अपराधियो को आसानी से उपलब्ध है । अपराधियो के होसलो और भ्रस्टाचारियो की थाह पाना अब सरकार के बस की बात नहीं रही ।अब जो भी है बस राम भरोसे है ।

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