रेज ए ग्लास ऑफ़ मिल्क

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गीतांजलि पोस्ट ( श्रेयांस)  आज विश्व दुग्ध दिवस है ।दूध एक सम्पूर्ण आहार है ।  दूध शरीर के द्वारा जरुरी सभी पोषक तत्वों का एक बहुत अच्छा स्रोत है जिसमें कैल्सियम, मैगनिशियम, जिंक, फॉसफोरस, ऑयोडीन, आइरन, पोटेशियम, फोलेट्स, विटामिन ए, विटामिन डी, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी12, प्रोटीन,स्वस्थ फैट आदि मौजूद होता है। ये बहुत ही ऊर्जायुक्त आहार होता है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा उपलब्ध कराता है क्योंकि इसमें उच्च गुणवत्ता के प्रोटीन सहित आवश्यक और गैर-आवश्यक अमीनो एसिड और फैटी एसिड मौजूद होता है।
    अाज दूध के उत्पादन में भारत दुनिया में अग्रणी देशो में शुमार  है. फिर भी यहाँ के लोगों को असली दूध पीने को नहीं मिलता. सरकार भी मानती है कि भारत में बड़ी संख्या में नागरिक डिटर्जेंट, कास्टिक सोडा, यूरिया और पेंट की मिलावट वाला दूध पीते हैं. देश में बिकनेवाला 68 प्रतिशत दूध देश की खाद्य उत्पाद नियंत्रक संस्था एफएसएसएआइ के मापदंडों पर खरा नहीं उतरता. मिलावटी दूध के कई दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि यूरिया, कास्टिक सोडा और इसमें मौजूद फोरमेलिन से गैस्ट्रोएंट्राइटिटिस से लेकर इम्पेयरमेंट, दिल के रोग और कैंसर हो सकते हैं. यहां तक कि मिलावटी दूध पीने से इनसान की मौत तक हो सकती है. दूध में मिलावट के लिए इस्तेमाल किये जानेवाले डिटर्जेंट से पाचन तंत्र की गड़बड़ियां और फूड प्वायजनिंग हो सकती है. हाई एल्केलाइन से शरीर के तंतु क्षतिग्रस्त और प्रोटीन नष्ट हो सकते हैं।
    संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन के द्वारा 1 जून को विश्व स्तर पर हर वर्ष मनाने के लिये विश्व दुग्ध दिवस सुरुआत की । पहली बार विश्व दुग्ध दिवस शुरआत 2001 में मनाया गया था। इसे 1 जून को मनाने के लिये चुना गया था क्योंकि इस समय के दौरान बहुत सारे देशों के द्वारा विश्व दुग्ध दिवस पहले से ही मनाया जा रहा था। इस उत्सव में वर्ष दर वर्ष भाग लेने वाले देशों की संख्या बढ़ती ही चली जा रही है। तब से, पूरे विश्व भर में दूध और दुग्ध उद्योग से संबंधित क्रिया-कलापों को प्रचार-प्रसार में हर वर्ष ध्यान केन्द्रित करने के लिये इसे मनाया जाता है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्सव संबंधित क्रिया-कलापों को आयोजित करने के द्वारा इस उत्सव का राष्ट्रीयकरण किया जाता है। पूरे जीवन भर सभी के लिये दूध और इसके उत्पादों के महत्व के बारे में लोगों में जागरुकता बढ़ाने के लिये इसे मनाया जाता है।
    यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि भारत में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवम्बर को मनाया जाता है । ऐसे में जबकि देश में गाय के मांस को लेकर राजनीती गर्म है यह बताना उपयोगी होगा की दुनिया भर में दूध का 93 % हिस्सा गाय के दूध का है । विश्व दूध दिवस की इस बार की थीम है ” रेज ए ग्लास ऑफ़ मिल्क” । आईये आज के दिन हम दूध से जुड़े विभिन्न तथ्यों पर चर्चा करे । अग्रणी उपभोक्ता संस्था केन्स का दूध का दूध व पानी का पानी अभियान भी उनमे से एक है ।