बाल काटने के रहस्य से क्या पर्दा उठेगा

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गीतांजलि पोस्ट……. प्रदेश में इन दिनों महिलाओं के बाल काटने की घटनाये लगातार सामने आ रही है, बाल काटने वाली घटना का खौफ नागौर, बीकानेर, जोधपुर, शाहपुरा चूरू , जयपुर इत्यादी क्षेत्र में भी पहुँच चूका है । बाल काटने वाली घटनाएं महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है, जिसके चलते महिलाओं, बच्चों, पुरुषों का रात के समय में बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है । जिन क्षेत्रों में बाल कटने की घटना हो रही हैं वहा आस पास के इलाको के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है, ग्रामीण इलाकों में महिलाओं में भय इस कदर व्याप्त है कि अब वे इससे बचने के लिये टोना-टोटका का सहारा लेने लगी है, अपने घरों के बाहर मेहंदी के हाथ के छापे और सिंदूर से त्रिशूल के निशान बनाने लगी है तो कहि मकान के मुख्य गेट पर निम्बू मिर्ची लटका रहे है, गली-मोहल्लों में लोग जागकर पहरा दे रहे हैं।

इन घटनाओं में कितनी अफवाह है और कितनी सच्चाई है अभी यह बताना मुश्किल ही नहीं अभी नामुमकिन भी है । गीतांजलि पोस्ट के पत्रकारों ने बाल काटने वाली घटनायों के पीडितों से मिलकर मामले को देखा तो पाया की इन घटनाओं में कुछ लोगों के साथ में वास्तव में ऐसा घटीत हुआ था जबकि कुछ घटनाओं में ये मात्र अफवाह ही निकली । कुछ लोग कहते हैं ये माानसिक बिमारी हैं तो कुछ लोग कहते हैं कि इसके पिछे तांत्रिकों का गिरोह का हाथ हैं ।

ये क्या हो रहा हैं फिलहाल समझ से बाहर हैं लेकिन कुछ तो राज हें इन घटनाओं और अफवाओं पिछे। बाल काटने वाली घटनाओं और अफवाओं की शुरूआत कहां से हुई , क्या मकसद रहा होगा ऐसी अफवाह फैलाने वालों का , यदी वास्तव में ऐसा हो रहा हैं तो क्यों हो रहा हैं । यदी ये मानसिक बिमारी हैं तो पहले ऐसी घटना घटीत नहीं हुई, अचानक एक साथ क्यो हो रही हैं ? क्या गैंगस्टर आनंदपाल  के प्रकरण से लोगों का ध्यान हटाने के लिये प्रशासन की शह पर एक सोची-समझी चाल के तहत ऐसी अफवाओं को अंजाम दिया गया ?क्या इसके पिछे तांत्रिकों का हाथ हैं या कोई ओर कारण हैं ?

कारण कोई भी रहा हो फिलहाल लोगों को भय के वातावरण से राहत दिलवाने के लिये प्रशासन को ऐसी घटनाओं और अफवाहों की गहराई में जाकर मामले की जांच करनी चाहिये, जिससे बाल काटने की घटनाओं से पर्दा उठे और जनता राहत की सांस मिले।

रेणु शर्मा,जयपुर संपादक -गीतांजलि पोस्ट साप्ताहिक समाचार-पत्र
रेणु शर्मा,जयपुर
संपादक -गीतांजलि पोस्ट साप्ताहिक समाचार-पत्र