Breaking News
prev next

सर्व व्यापी है, भ्रष्टाचार

media-2

GEETANJALI POST (डॉ संजीव गुप्ता की बेबाक राय व् रिपोर्ट)

आज हम देख रहे है भ्रष्टाचार ही सर्व व्यापी है, भ्रष्टाचार का हर जगह बोल बाला है l आप को कोई भी काम करना है तो, बिना अधिकारियो की जेब गरम किये असंभव है. अगर कोई पहल करे भी तो उसका हश्र कुछ इस तरह होगा, या तो उसे मार दिया जाये या प्रशाशनिक व्यवस्थाओ में घेर लिया जायेगा , अभी हाल ही ऐसा वाकया सामने आया जिसमे दो पत्रकारो द्वारा जब आर टी ओ की के अधिकारियो द्वारा खुले आम चौथ वसूली की वीडियो बना कर भ्रष्टाचार को सामने लाने की कोशिश की तो दोनों ही पत्रकारो को ही आरटीओ के अधिकारियो ने पकड लिया और पुलिस से मिलीभगत करके उनके खिलाफ राज- काज में बाधा और ब्लैकमैल करने का झूठा मुकदमा दर्ज करवा कर उन्हें पुलिस में गिरफ्तार करवा कर , सबसे पहिले दोनों पत्रकारों के मोबाइल जब्त कर , उस मोबाइल से उस वीडियो को , जो कि चौथ वसूली कर रहे आर टी ओ के अधिकारियो के खिलाफ पुख्ता सबूत था , नष्ट कर दिया , दोनों पत्रकारों के किसी भी घर वाले को सूचना नही दी , न ही उन्हें फोन करने दिया , इस तरह संगठित अपराध करके पत्रकारों को ही मुलजिम बना कर जेल भेज दिया , क्या किसी भी अधिकारी द्वारा सडक पर खड़े होकर चौथ वसूली करना राजकाज कार्य है ? उनकी वीडियो बनाना राज कार्य में बाधा है ? आखिर एक पत्रकार ऐसी क्या राजकाज में बाधा पंहुचा रहा था और आर टी ओ के अधिकारियो को ब्लैकमेल कर रहा था ? आर टी ओ के अधिकारियो द्वारा ऐसा कौन सा गुनाह हो गया कि वो ब्लैकमेल हो रहे थे ? अब आप सबकी भी समझ में आ गया होगा , कि .आखिर उसने ऐसा क्या देखा ? क्या रिकार्ड किया ? जिसकी वजह से आर टी ओ के अधिकारी हिल गये ? पत्रकारो को पकड़ने के लिए आनन् फानन में कार्यवाही की गई,  ये भी बहुत बड़ा और गहरा सवाल है ।

ये पत्रकार पिछले अनेको वर्षो से पत्रकारिता से जुडा हुआ है , आर एन आई से रजिस्टर्ड अखबार का उप सम्पादक भी है ।

ख़ास बात तो ये है कि इन दोनों पत्रकारों में से एक महिला पत्रकार भी थी , आर टी ओ के अधिकारियो ने अपनी दर्ज करवाई ऍफ़ आई आर में स्पष्ट लिखा है कि उन्होंने इन दोनों पत्रकारों को पकड़ कर पुलिस थाना हरमाड़ा मेस लाकर सौंप दिया , पुलिस ने ऍफ़ आई आर दर्ज करने का समय रात्रि ११ बजकर ३० मिनट लिखा है , यानि महिला पत्रकार को पूरी रात अवैध रूप से पुलिस थाणे में बंद रखा , फिर दुसरे दिन यानि सुबह पेपरों में उसकी गिरफ्तारी दर्ज की , जांच में महिला पत्रकार के मोबाइल से उसकी लोकेशन सबके सामने आ जायेगी ।
हरमाडा पुलिस ने ऍफ़ आई आर दर्ज करने में शानदार जल्दीबाजी , रूचि दिखाई , जांच अधिकारी द्वारा आनन फानन में जांच भी कर ली , और जांच में दोषी सिद्ध करके दोनों पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया , सच तो ये है कि दोनों पत्रकारों के खिलाफ आर टी ओ अधिकारियो व् पुलिस के पास किसी भी प्रकार का कोई प्रमाण नही था।

मेरा राज्य सरकार से निवेदन है कि इस जांच अधिकारी को आनंदपाल का एनकाउन्टर करने वाले वरिष्ठ आई पी एस अधिकारी दिनेश एम एन की जगह पोस्टिंग व् प्रमोशन देकर इनाम दे क्योकि दिनेश एम् एन साहब ने आनंदपाल के खिलाफ कार्यवाही करने में पूरा एक साल लगा दिया , सरकार को मालूम होना चाहिए कि पुलिस में कितने कितने काबिल अधिकारी मोजूद है ।

रही सही कसर पूरी कर सी हिन्दुस्तान के मीडिया के बादशाह कहलाये जाने दैनिक भास्कर ने , एक नही , लगातार दो दिन तक दोनों पत्रकारों को फर्जी पत्रकार बना कर , अपनी पत्रकारिता का बेहतरीन अंजाम दिया , मै तो केवल इतना ही लिखना या कहना चाहता हूँ कि आज नब्बे प्रतिशत पत्रकार जो है , फील्ड में अपनी जान जोखिम में डालकर , अनेको भूमाफियो , भ्रष्टाचारियो , गुंडे , बदमाशो का पर्दाफाश कर रहे है , क्या वो सभी प्त् पत्रकार बंधू डी पी आर से अधिस्वीक्रत है ? उनके पास परिचय पत्र के अलावा कोई नियुक्ति पत्र या कानूनी पत्र है ? है तो क्या चोबीस घंटे उसे साथ में लेकर घुमते है ? मजीठिया आयोग के भय से मीडिया घराने पत्रकारों का ही शोषण कर रहे है , इस मीडिया घरानों से जुड़े लोग इनकी चमचागिरी में अपने ही साथियो को फर्जी लिखकर क्या क्या पा रहे है ? वो भी किस्से ? ये भी बहुत बड़ा यक्ष प्रश्न है ? क्योकि मीडिया घराने तो कुछ देने से रहे , संदेह में आर टी ओ के अधिकारियो , पुलिस व् खासकर के पत्रकार की कोई जुगल बंदी भी सामने आ रही है , अब भी वक्त है साथियो , एक हो जाओ , संगठन में शक्ति है , संगठित नही होगे तो धीरे धीरे , एक एक करके अपनी बारी का इंतज़ार करो, नही तो डर के मारे सबूत इकठ्ठा करना छोड़ दो ।

It's only fair to share...Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn





Related News

  • कांग्रेस की देशद्रोही मानसिकता
  • सर्व व्यापी है, भ्रष्टाचार
  • लक्ष्मी ने बलि को रक्षा सूत्र बांधा और पति को लेकर चली गई
  • क्या कारण है अधिकतर IPS का कार्यक्रमों से बेरुखी का
  • आखिर कब तक, चुप रहेंगे ? आप और हम
  • बरकत चाहें तो पेड़-पौधे लगाएँ
  • पूर्व विधायक रीटा चौधरी को पार्टी चुनाव के लिए जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी
  • कथनी और करनी में अंतर
  • Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *