राजसी ठाठ बाठ एवं संगीत की सुमधुर स्वर लहरिहयो के साथ पहुंची कजली तीज की सवारी

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बून्दी 10 अगस्त। छोटी काशी बूंदी की आन बान और शान की प्रतीक एवं हाड़ा राजवंश की वीरता एवं नारी शक्ति का गौरव कजली तीज माता की सवारी गुरूवार को राजसी ठाठ बाठ एवं संगीत की सुमधुर स्वर लहरिहयो के साथ शहर के प्रमुख मार्गो से होती हुई मेला स्थल कुम्भा स्टेडियम पहुंची। जंहा मुख्यअतिथि विधायक अशोक डोगरा ने फीता व पूजा अर्चना कर मेला प्रारम्भ करने की घोषणा की। कजली तीज मेला 2017 की जानकारी देते हुये नगर परिषद सभापति महावीर मोदी एवं शोभायात्रा समिति संयोजक टीकम जैन ने बताया कि इस वर्ष तीज माता की सवारी पूरे भव्य रूप से निकाली गयी । सवारी में सबसे आगे आन बान और शान का प्रतीक केसरिया ध्वज लिए घुड़सवार तीज माता की सवारी की अगुवाई कर रहे थे । उसके बाद सुमधुर स्वर में संगीत बिखेरते हुये बेण्ड वादक अपनी कला से दर्शकों का मनोरंजन करते चल रहे थे ।
इस वर्ष तीज माता की सवारी में स्थानीय व बाहर से मंगवाई गई डेढ़ दर्जन झाॅंकियाॅं भी दर्शको का आकर्षण का केन्द्र रही । इस वर्ष शोभायात्रा में 21 घुड़सवार हाथो में केसरिया ध्वज लिये हुये तीज माता के सम्मान में तीजमाता की पालकी के आगे आगे चले जो इस बार की शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण रहा । इस बार शोभायात्रा में शामिल दो बग्गीयंो ने शोभायात्रा की शोभा बढ़ायी जिसमें एक बग्गी में तीज माता को जयपुर से बूंदी लाने वाले बूंदी का गोठड़ा हाड़ा बलवंत सिंह जी की प्रतिमा ने शोभायात्रा में चार चाॅंद लगा दिये।नगर परिषद के सभी पार्षद, सभी कर्मचारी व बूंदी की जनता पूरे राजसी ठाठ बाठ एवं शाही अंदाज में साफा बांधकर तीज माता की पालकी के आगे आगे चल रहे थे।शोभायात्रा में ऊंट, ऊंट गाड़ीयाॅं व अलगोजों की धुन पर नृत्य करती लोक कलाकारो की मंड़लियाॅं जहाॅं लोगो के उत्साहवर्धन कर रही थी वहीं शाही लवाजमा शोभा यात्रा को पूर्ण वैभव शाही अंदाज प्रदान कर रहा था। 101 महिलायें सिर पर मंगल कलष लेकर तीज माता के आगे पूर्ण पारम्परिक वेशभूषा में सुसज्जीत होकर चलती रही जो लोगो के आकृषण का केन्द्र रही। शोभायात्रा में घोड़ी नृत्य की प्रस्तुतियों नेे जनता को आनन्दित कर दिया । प्राचीनकला को जीवन प्रदान करते हुये बहुरूपिये अपनी पारम्परिक कला का प्रदर्शन करते हुये चलते रहे।