‘बादशाहो’ की राजकुमारी गीतांजलि पोस्ट के खजाने की क्या रही बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट

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‘बादशाहो’ की राजकुमारी गीतांजलि पोस्ट के खजाने की क्या रही बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट पढ़े गीतांजलि पोस्ट पर…..
 रेटिंग… 3/ 5
स्टार कास्ट… अजय देवगन, इमरान हाशमी, इलियाना डी क्रुज, विद्युत जामवाल, इशा गुप्ता,
महिने के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत करते हुए फिल्म ” बादशाहो ” रिलीज हो चुकी है… पढें मिलन लुथरिया की मल्टीस्टारर फिल्म बादशाहों का मुवी रिव्यू सौरभ पारीक की कलम से….
 मिलन लूथरिया के डायरेक्शन में मात्र 67 दिनों मे बनी ‘बादशाहो’ फिल्म 1975 के उन 96 घंटो की  इमरजेंसी के एक मशहूर किस्से पर बनी फिल्म है, जिसमें राजस्थान के अरबों के खजाने की सरकारी लूट वाले बहुचर्चित किस्से को बताया गया है। इस फिल्म में इलियाना डी क्रूज का किरदार असल जिंदगी से प्रेरित है।
 ‘बादशाहो’ फिल्म उसी खजाने के बारे में है, जिसके बारे में कहा जाता है कि तत्कालीन सरकार के कर्ताधर्ताओं ने उस अरबों के खजाने पर कब्जे की रणनीति बनाई थी। कहा तो ये भी जाता है कि वो खजाना उन नेताओं के पास पहुंच भी गया था। दरअसल, इमरजेंसी के समय में 3 दिनों के लिए जयपुर-दिल्ली नेशनल हाइवे को बंद कर दिया गया था। यहां सेना लगा दी गई थी। और इसके पीछे की सुगबुगाहट में खजाने की लूट का जिक्र आता है जिसके कुछ हिस्से को  फिल्म मे पेश किया गया है।
कहानी
 इस मल्टीस्टारर फिल्म की कहानी मे हाईट्स है, खजाना है, इमरजेंसी है, लूट, कॉमेडी, एक्शन आदी है।  कहानी की शुरूआत होती है राजस्थान मे 1973 से जहां पर राजकुमारी गितांजली(इलियाना डी क्रूज)  राजघराने को सम्भाल रही है। एक नेता से टकराव के बाद इमरजेंसी के समय नेता राजकुमारी गितांजली के खजाने को सरकार स् छुपाकर रखने के कारन  राजकुमारी गितांजली को जेल मे बंद करवाकर सेना की मदद से सीधे दिल्ली लाने का आदेश देता है इसी बीच भवानी(अजय देवगन) जो की गितांजली का खास एवं भरोसेमंद है को वह खजान् रो दिल्ली ले जाते समय रास्ते चुराने कर मदद करने को  कहती है इसमे साथ देने के लिये संजना (इशा गुप्ता) जो की गितांजली की भरोसेमंद दोस्त है भवानी का साथ देती है  साथ ही  भवानी  अपने लफंगे, अय्याश दोस्त दलिया(इमरान हाशमी) और ताले तोडने मे माहिर गुरूजी(संजीव मिश्रा) की मदद लेकर  ट्रक मे भरे खजाने को लुटने निकल पडते है। इसी बीच  आर्मी आफिसर सहर सिंह(विद्युत जामवाल) खजाने को दिल्ली पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।…. किस प्रकार चारो खजाना लुटते है, कहानी मे और कैसे कैसे दिलचस्प मोड आते है इसे देखने के लिये आपको अपने नजदिकी सिनेमाघरों का रूख करना पडेगा।
डायरेक्शन एवं एक्टिंग 
अगर बात की जाये डायरेक्शन की तो मिलन लुथरिया का डायरेक्शन अच्छा है परन्तु फिल्म के कुछ डार्क सीन्स मे काले कपडो, काली शेव मे अजय देवगन नजर ही नही आते, फिक्म के क्लाइमेक्स के साथ साथ कहानी भी अधुरी है या फिर ये कहा जा सकता है की फिल्म को अधुरा छोडा गया है।  एक्शन फ्रिकवेंस मे दमदार ब्रेकग्राउंड म्यूजिक फिल्म मे जान डालता है। फिल्म की 1975 की कहानी के हॉस्पिटल के एक सीन मे मोबाईल वेन का होना भी निर्देशन की कमी को उकेरता है।
अगर बात की जाये एक्टिंग की तो फिल्म मे इमरान हाशमी और विद्युत जामवाल की एक्टिंग दमदार है तो अजय देवगन कहीं कही फिके नजर आये है वही इशा गुप्ता के बोल्ड अंदाज के सामने इलियाना भी कुछ खास कमाल नही कर सकी। फिल्म की कहानी  रोहीत अरोरा द्वारा लिखी गईहै जिसके संवाद काफी फैमस हो रहे है।
संगीत 
इमरान के साथ सन्नी का तडका लगाते हुये दोनो पर  फिल्माया गया गाना ” पिया मोरे” एक अलग ही अंदाज मे दिखाया जाता है साथ फिल्म मे रिमेक गाना रश्के कमर जो की काफी दिनो से लोगो की जुबान पर चढ़ा हुआ है फिल्म को और खास बना देता है।  साथ ही एवरग्रीन सोंग ‘कह दु तुम्हे’ का रिमिक्स ‘सोचा है’ भी आपको झूमने पर मजबूर कर देगा बरहाल ये गाना  फिल्म मे दिखाया नही जाता।
क्या है खास
‘वंस अपोन अ टाईम इन मुम्बई’ के बाद अजय देवगन और  इमरान हाशमी की दमदार बेहतरीन जोडी आपको देखने को मिलेगी साथ ही साथ डायरेक्टर ने फिल्म मे इमरान के साथ  सन्नी लियोनी का भी तडका लगाया है। बाकी फिल्म मे कुछ खास नयापन नही है।  निरजा, सरबजीत, जैसी रियलिस्टिक फिल्मो को देखने के मूड वाले दर्शको को  हिस्टोरिकल फिल्मो का परोसा  जाना भी नापसंद हो सकता है।
क्यो देखें 
आपने अगर काफी दिनो से कोई मल्टीस्टारर फिल्म नही देखी है तो ये फिल्म आपके लिये ही बनी है साथ ही रियलिस्टिक फिल्मो के शौकिन लोगो को ये फिल्म निराश करती है।  इमरान हाशमी की शानदार डायलोग डिलीवरी, इशा गुप्ता को बोल्ड अंदाज, अजय देवगन का एंग्री लुक और इलियाना के फैन्स को फिल्म काफी पसंद आयेगी।  लेकिन फिल्म से ज्यादा उम्मीद लेकर जाने वाले दर्शको फिल्म काफी पसंद आयेगी।