आर्थिक व्यवस्था के साथ सुशासन के मुद्दे पर आरएसएस चिंतित

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-नोटबंदी एवं जीएसटी की सार्थक पहल के नकारात्मक प्रभाव दिखने को मिले, जताया डर

के. के. पाठक

मथुरा। केशवधाम में आयोजित राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की समन्वय समिति की त्रिदिवसीय बैठक के दूसरे दिन शनिवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के समक्ष उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मोर्य एवं डा. दिनेश शर्मा के साथ प्रदेश ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी हाजिरी लगाई। दूसरे दिन बैठक में देश की आर्थिक व्यवस्था के साथ भाजपा के सुशासन देने के मुद्दे पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार आरएसएस पिछले साल नंबवर में हुई नोटबंदी के बाद देश में जीएसटी को लागू के बाद बने बाजार के हालातों को लेकर चिंतित दिखायी दिया। नोटबंदी के प्रभाव से सुस्त पड़ी अर्थ व्यवस्था में नोटबंदी के बाद आई गिरावट के साथ पड़ोसी मुल्क चीन की विकास दर से भी 1.2 फीसदी पिछड़ते हुए भारत की विकास दर 5.7 पर आ जाने से आरएसएस केंद्र सरकार से बेहद खफा है। बताया जा रहा है कि आरएसएस मोहन भागवत के समक्ष देशभर से आए पदाधिकारियों ने बताया है कि भाजपा को सत्ता में लाने वाला व्यापारी वर्ग ही है और व्यावारी वर्ग को अपने साथ बनाए रखने के लिए आगामी दिनों में एक खास रणनीति के तहत कार्य होना चाहिए। देशभर में फैले आरएसएस के 35 अनुसांगिक संगठनों ने बैठक में विकास दर को बढ़ाने के साथ आर्थिक सुधारों के लिए भी केंद्र सरकार से सकारात्मक कदम उठाए जाने की बात कही है।
सूत्रों ने बताया कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने स्पष्ट किया है कि पूर्व की कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकारों की गलतियों से सबक लेने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह आर्थिक मामलों के ज्ञाता थे। इसके बावूजद भी देश की जनता ने उन्हें नकार दिया। कहीं ऐसा नहीं हो कि भ्रष्टाचार एवं कालेधन की समस्या से निपटने के लिए की गई नोटबंदी एवं जीएसटी की सार्थक पहल के नकारात्मक प्रभाव दिखने को मिले। इस बात पर अधिक बल दिया गया। वहीं शनिवार दोपहर 11 बजे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ अपने दोनों उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा एवं केशव प्रसाद मोर्य के साथ आरएसएस की बैठक में जहां उन्होंने करीब 3 घंटे तक रूककर मोहन भागवत सहित सभी वरिष्ठ संघ पदाधिकारियों से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रदेश की उदासीन कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ प्रदेश में हिंदू-मुस्लिम एकता को बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों के लोगों के मध्य आपसी समन्वय बनाए रखने की सलाह मोहन भागवत द्वारा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आरएसएस प्रमुख को बदलती समाजिक परिस्थितियों के बीच आगे बढऩे का भरोसा दिलाया है। शुक्रवार को पूरे दिन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने देश की वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा करते 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर भी विचार मंथन किया। रात भर रूकने के बाद अमित शाह शनिवार तड़के नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस अवसर पर सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, डा. कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य, यह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर, क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदमजी, विहिप के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष डा. प्रवीणभाई तोगडिय़ा, महामंत्री दिनेशजी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रामलाल, राम माधव, जीएलए कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, केशवधाम के निदेशक ललित आदि उपस्थित रहे।