पर्वताधिराज पर्वत श्री सम्मेद शिखर की जयकारो से रवाना हुई 1200 श्रद्धालुओं की विशेष रेल यात्रा

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GEETANJALI POST
अंतर्मना मुनि प्रसन्न सागर महाराज की मंगल प्रेरणा एवं आशीर्वाद से हुआ आयोजन
जयपुर। जैन धर्म के सबसे बड़े शाश्वत तीर्थ स्थल श्री सम्मेद शिखर जी की विशेष रेल यात्रा टोंक रोड़ स्थित शिवदास पूरा रेलवे स्टेशन से रात्रि 9 बजे 186 दिवसीय सिंह निष्क्रीडित आर्यमौन व्रत साधनारत अंतर्मना मुनि प्रसन्न सागर महाराज के मंगल आशीर्वाद और प्रेरणा, मुनि पीयूष सागर महाराज एवं गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी के शुभाशीष के साथ रवाना हुई। यात्रा को समाजसेवी सुभाष पाटनी के पौत्र (नन्हे बालक) द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर समाज सेवी विवेक काला, समिति अध्यक्ष सुधीर जैन, मंत्री हेमंत सोगानी, हरीश धाडूका, सुरेश काला, कमल काला, जीतेन्द्र मोहन जैन, अमित बड़जात्या, आशीष चौधरी, राजेश रांवका, अमित ठोलिया सहित बड़ी संख्या समाजसेवियों ने भी भाग लिया।
मिडिया प्रभारी अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया की यात्रा से पूर्व अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा मंदिर जी प्रांगण पर मुनि पीयूष सागर महाराज और गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी ससंघ सानिध्य में मूलनायक पदमप्रभ भगवान की मंगल आरती की गई।  जिसके पश्चात मुनि पीयूष सागर महाराज ने अपने आशीर्वाद देते हुए सभी यात्रियों को ” नियम पूर्वक यात्रा करने का संकल्प दिलाते हुए कहा की – श्री सम्मेद शिखर जी की यात्रा जैन धर्म में सबसे बड़ी यात्रा है यह वो स्थल है जहां से 21 तीर्थंकर भगवान अपने त्याग, तप, साधना और आराधना कर इसी इसी पर्वताधिराज से मोक्ष महल को प्राप्त हुए थे। जो आज यात्रा कर रहे है वो भाग्यशाली है उन्हें यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यात्रा कर भावना भाये की कम से कम एक यात्री को श्री सम्मेद शिखर जी की यात्रा करवा पाए।  ” इस दौरान गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी ने भी अपने आशीष प्रदान किये और सभी को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। उसके बाद सभी यात्री 8 बजे तक शिवदास पूरा रेलवे स्टेशन पहुंच गए जहा प्रबंध कार्यकारिणी बाड़ा पदमपुरा और अंतर्मना वर्षायोग समिति द्वारा सभी यात्रियों और अतिथियों का केसर तिलक, माला पहनकर स्वागत सत्कार किया गया।
5 दिवसीय श्री सम्मेद शिखर यात्रा के दौरान सभी यात्रीगण शनिवार रात्रि तक पार्श्वनाथ स्टेशन पहुचेगे जिसके बाद रात्रि विश्राम कर रविवार सुबह पर्वताधिराज पर्वत श्री सम्मेद शिखर जी की 27 किलो मीटर की पद वंदना करेंगे। सोमवार को मधुवन के मंदिरो के दर्शन एवं विराजमान आचार्य, मुनि, आर्यिका सहित सभी संतो के दर्शन, मंगलवार को आस पास के मंदिरो के दर्शन कर रात्रि में वापस जयपुर के लिए प्रस्थान कर देंगे जो बुधवार रात्रि तक शिवदासपूरा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी।