Breaking News
prev next

वास्तव में अफसरशाही हुई निक्कमी, गुहारों पर नही ध्यान

GEETANJALI POST(KAPIL GUPTA)
दफ़्तरों में चक्कर काटते लोग हुए परेशान।
हिण्डौन सिटी। आज आम आदमी की आधी जिंदगी सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटते काटते निकल जाती है। लेकिन आम आदमी का कार्य समय पर नही होता। ऐसे में एक आदमी कहाँ जाए किससे अपना दुखड़ा रोये। चाहे बात पंचायत स्तर , उपखण्ड स्तर या जिला प्रशासन की सभी अधिकारी,कर्मचारी एक आम आदमी के साथ कैसा व्यवहार करते है। ये बात वो आम आदमी ही बता सकता है। जो कई दिनों , कई महीनों से सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाते लगाते थक गया है। ऐसे में चाहे सरकार की लाभकारी योजनाओं की बात हो या किसी शिकायत की अधि्कारी को किसी बात की चिंता नही । ये आदमी कितनी दूरी से  किस उम्मीद के साथ कार्यालय में गुहार लगाने आया है। इन सबका कारण कार्यालय के बाहर से लेकर अंदर तक फैला भरष्टाचार है। हाल में ही हिण्डौन उपखण्ड के एसडीएम व लिपिक रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुए। जिस कार्यालय में अधि्कारी ,कर्मचारी बिना रिश्वत के काम नही करते उस कार्यालय में एक आदमी की क्या मजाल जो अपना जरूरी काम कर सके ।
सरकारी दफ्तरों में पैसे देने वालो के होते है कार्य
किसी भी सरकारी महकमे की हम बात करे चाहे पंचायत समिति, बिजली विभाग या तहसील कार्यालय अगर आपकी जेब मे पैसे है तो आपका कार्य जल्द ही हो जाएगा चाहे शाम के सात ही बजे हो । मोटी रकम देने वालो के लिए इन सरकारी कार्यालयों के कोई समय नही है।
सरकारी दफ्तर बने मंदिर
मैने सरकारी कार्यालयों को मंदिर इसलिए मंदिर कहा क्योंकि आप जब किसी कर्मचारी, अधि्कारी को बिना चढ़ावा चढ़ाये कोई कार्य नही करा सकते । अगर आप सरकारी मंदिर में चढ़वा देते है तो आपका कार्य सबसे पहले हो जायेगा।
शिकायतो का नही निस्तारण।
सरकारी कार्यालयों में सैकड़ों शिकायत पेंडिंग में पड़ी है  आम आदमी शिकायत लेकर आते है अधि्कारी अपनी समस्या का ज्ञापन देकर जाते है लेकिन समस्या रूपी ज्ञापन को डस्टबीन पटक दिया जाता है। आज तक किसी समस्या का निस्तारण नही हुआ ।
It's only fair to share...Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn





Related News

  • वास्तव में अफसरशाही हुई निक्कमी, गुहारों पर नही ध्यान
  • क्या हैं रोहिंग्याओं का इतिहास
  • अयोध्या में राम मंदिर निर्माण ही है सच्ची श्रद्धांजलि
  • एकात्म मानववाद के प्रणेता अंत्योदय से सर्वोदय
  • देवताओं की भूमि-उड़िसा
  • संस्कृति एवं धार्मिक सुगन्ध से महकता ”धान के कटोरा“
  • सीमा पर जवान से भी कठिन है किसान का काम, फिर भी किसान सडक पर सत्याग्रह को मजबूर
  • जानिये क्या है ब्लू व्हेल गेम और क्यों लोग इसे खेलते खेलते जान दे रहे हैं
  • 2 Comments to वास्तव में अफसरशाही हुई निक्कमी, गुहारों पर नही ध्यान

    1. Kerrydet says:

      can you buy viagra over counter new zealand
      viagra australia
      where you can buy viagra
      <a href=http://f

    2. BrianTup says:

      cialis super active for sale
      cialis online
      best place buy cialis online uk
      <a href=http://fkdcialiskhp.c

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *