सुप्रीम कोर्ट को पटाखा बिक्री पर बैन पुरे देश में लागु करना चाहिए – अभिषेक जैन बिट्टू

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GEETANJALI POST

जयपुर। देश में कानून का पाठ हर कोई पढ़ाता है लेकिन इसे कोई स्वीकार भी नहीं करता और जब बात खुद पर आती है तो वो उस कानून का ही विरोध करने पर उतारू हो जाता है यही आलम है की सत्ताधारी भाजपा से जुड़े कुछ लोगो को सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय से तकलीफ हुई जिसमे कोर्ट द्वारा दिल्ली और एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर बैन लगा पोलुशन से गटर बन चुकी दिल्ली में पर्यावरण कंट्रोल करने की दिशा में बेहतर कदम उठाया, जिसका स्वागत सभी को करना चाहिए, लोगो और दिल्ली की सेहत पर किसी भी प्रकार की राजनीती नहीं होनी चाहिए। हर विषय राजनीती से प्रेरित नहीं होना चाहिए दिल्ली का पोलुशन आज पुरे विश्व में विख्यात है की किस कदर ये पोलुशन दिल्ली वासियो की ज़िंदगी में जहर  घोल रहा है और कैंसर, डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू, बुखार, अस्थमा, टी.वि जैसी ना जाने कितनी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त होकर लोगो का जीवन बर्बाद हो रहा है, जिस पर प्रत्येक वर्ष राजनीती तो होती है किन्तु कार्यवाही कुछ नहीं होती ऐसे में अगर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के स्वास्थ्य पर निर्णय लिया है तो यह एक बेहतर एवं सराहनीय कदम है जिसका सभी दलों सहित लोगो को स्वागत करना चाहिए और लोगो को भी प्रेरित करना चाहिए। बच्चो को समझाना चाहिए की एक दिन पटाखे छोड़ने पर 100 दिन का पोलुशन एकत्रित होता है जिससे गंभीर बीमारी जन्म ले लेती है जिसमे कुछ ऐसी बीमारी है जिसका इलाज नहीं हो पाता है और कुछ ऐसे लोग है जो बीमारियों का इलाज नहीं करवा पाते एवं कुछ ऐसे लोग है जो इलाज करवाने में लेट हो जाते है। आज पोलुशन से दिल्ली  एनसीआर ही नहीं अपितु पूरा देश प्रभावित है क्योकि प्रदूषण इतना बढ़ चूका है की अब इस पर कण्ट्रोल करना बहुत जरुरी है अकेले जयपुर शहर में पिछले 3 वर्षो में वायु प्रदूषण 250 % तक बढ़ चुका है जो काफी जहरीला हो चूका है। देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए की देश की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर लोगो को ज़्यादा से ज़्यादा जागरूक करे और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करे, हमारे संस्कार ऐसे नहीं की अपनी ख़ुशी के लिए दुसरो की ज़िंदगी से समझौता करना पड़े, हमे ख़ुशी दुसरो के जीवन में लाने का प्रयास करना चाहिए जिससे उसके जीवन में रौशनी का प्रकाश हो सके वो जगत की सबसे सुंदर और बेहतर ख़ुशी होगी।
सुप्रीम कोर्ट वायु प्रदूषण को लेकर किया गया निर्णय बेहतर कदम है इसे दिल्ली और एनसीआर तक सीमित नहीं रखना चाहिए अपितु पुरे देश में लागु करना चाहिए। क्योकि यह निर्णय लोगो के स्वास्थ्य के साथ साथ उन बेजुबान पशु – पक्षियों के लिए भी है जिनकी बलि इन पटाखों की वजह से चढ़ा दी जाती है। जिनका कोई कसूर होता।

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