‘‘सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत‘‘ पर हुआ व्याख्यान

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नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी का राजस्थान पुलिस अकादमी में 
       पूरे विश्व की सबसे युवा आबादी को स्वतन्त्र, सुरक्षित, शिक्षित तथा स्वस्थ बनाने की परिकल्पना तथा भारत को एक बाल मित्र राष्ट्र के रुप में पहचान दिलाने के उद्देश्य से भारत यात्रा पर निकले नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी ने दिनांक 11 अक्टूबर को राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर के खचाखच भरे ऑडिटोरियम में अपना व्याख्यान देते हुए कहा कि गरीबी के लिए जब बच्चा स्वयं जिम्मेदार नहीं है तो उसके साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होने बच्चों के सपनों की हत्या को सबसे बडा अपराध बताते हुए कहा कि बालकों के मुद्दों के प्रति सभी को संवेदनशीन होकर कार्य करना चाहिए।
        कार्यक्रम के प्रारम्भ में राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक श्री राजीव दासोत ने श्री कैलाश सत्यार्थी का स्वागत करते हुए कहा कि राजस्थान पुलिस अकादमी के इतिहास में यह पहला अवसर है कि कोई नोबेल पुरस्कार विजेता का आगमन इस प्रांगण में हुआ है। उन्होने राजस्थान पुलिस अकादमी द्वारा बालकों से जुडी विभिन्न संस्थाओं, यथा यूनिसेफ, सेव द चिल्ड्रन, यंग इण्डियन, स्वावलम्बन, आई इण्डिया, फिक्की फ्लो आदि, की साझेदारी में बाल अधिकार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी तथा कहा कि श्री सत्यार्थी की उपस्थिति व उनके मार्गदर्शन से अकादमी द्वारा किए जा रहे प्रयासों को नई उर्जा तथा प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने श्री सत्यार्थी को विश्वास जताया कि अकादमी पूर्ण जज्बे तथा जोश के साथ बाल अधिकारों के मुद्दों पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी।
       इस अवसर पर श्री सत्यार्थी ने अपना व्याख्यान देते हुए कहा कि बाल यौन अपराध एक महामारी के रुप में सामने आया है तथा यह एक बहुत ही चौंकानें वाला तथ्य है कि 70 प्रतिषत मामलों में यौन हिंसा परिवार के लोगों द्वारा की जा रही है। श्री सत्यार्थी ने राजस्थान पुलिस तथा राजस्थान पुलिस अकादमी द्वारा बाल अधिकार के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा बताया कि वे स्वयं एक पुलिस परिवार से है ंतथा पुलिस की कार्यप्रणाली को बहुत बारीकी से समझ सकते है।
       इस अवसर पर उन्होंने श्रोताओं की द्वारा पूछे गए प्रश्नों का अपने अनुभवों तथा किए जा रहे प्रयासों के आधार पर उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं को शान्त किया। इसके साथ ही उन्होंने सभी को बाल यौन शोषण तथा बाल तस्करी से बच्चों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से सुरक्षित जयपुर, सुरक्षित राजस्थान तथा सुरक्षित भारत हेतु संकल्प दिलवा कर शपथ दिलवाई।
       इस अवसर पर महानिदेशक पुलिस श्री अजीत सिंह ने कहा कि श्री सत्यार्थी के आगमन ने पूरी राजस्थान पुलिस तथा राजस्थान पुलिस अकादमी को गौरवान्वित किया है। उन्होंनें श्री सत्यार्थी द्वारा राष्ट्रीय तथा अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बाल अधिकारों के क्षेत्र में किए गए योगदान को अमूल्य बताया। उन्होने बताया कि राजस्थान देश का एक मात्र ऐसा राज्य है जिसमें मानव तस्करी विरोधी प्रणाली सर्वाधिक सक्रिय है तथा इस बात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के अधिकारी मानव तस्करी विरोधी प्रणाली के मुखिया के रुप में कार्य कर रहे है। उन्होंनें राजस्थान पुलिस द्वारा बालकों के संरक्षण के संबंध में की जा रही कार्यवाही के आंकडे प्रस्तुत करते हुए बालकों के पुनर्वास की दिशा में कार्य करने की आवष्यकता बताई।
अतिरिक्त महानिदेषक पुलिस ए.एच.टी. श्री राजीव शर्मा ने श्री सत्यार्थी, श्रीमति सुमेधा सत्यार्थी तथा सभी अतिथियों तथा मीडिया के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
       इस कार्यक्रम बडी संख्या में पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बच्चों से जुडी हुई संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा विधालयों के प्रिसिंपल/प्रधानाचार्य ने भाग लिया।

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