रानी जी की बावडी फिर हुई सैलानियों से गुलजार

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गीतांजलि पोस्ट जितेंद्र वर्मा बूंदी
170 पर्यटकों ने निहारा सौन्दर्य
बूंदी। रियासतकालीन रानी जी की बावडी मेें बुधवार को करीब एक साल के अन्तराल बाद फिर से रौनक छा गई। पर्यटकों के दल जैसे इसके पट खुलने का ही इंतजार कर रहे थे, जीर्णोद्धार के बाद पहले ही दिन बुधवार को 170 पर्यटकों ने इस एतिहासिक बावडी का सौन्दर्य निहारा।
करीब तीन सौ वर्ष पुरानी रानी जी की बावडी को सालभर पहले मरम्मत व जीर्णोद्धार कार्य के दौरान बंद किया गया था जिसे बुधवार को ही खोला गया तो देशी विदेशी पर्यटकों के दल यहां उत्सुकता से खिंचे चले आए। विद्यार्थी अधिक संख्या में थे। सैलानियों ने इस बावडी का सौन्दर्य कैमरों में कैद किया और इसकी खूबसूरती की जमकर तारीफ की। बावडी देखने आये फ्रांस के पर्यटक क्रिस्टयान, इक्वेस्ट, निकोल व सिल्वी के चेहरे खुशी से खिले नजर आये। वहीं उदयपुर से आये आदिवासी छात्र व कोटा के छात्रों ने इसे अद्भुत् बताया।
संग्रहालयाध्यक्ष महेन्द्र निम्हल ने बताया कि इस दिन 170 देशी विदेशी सैलानियों एवं विद्यार्थियों ने इसे निहारा। इनसे लगभग 5 हजार रुपए राजस्व की प्राप्ति हुई है। उन्होंने बताया कि बावडी धूलंडी के निर्धारित एक मात्र राजकीय अवकाश के अलावा वर्ष भर दर्शनार्थ खुली रहती है।