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प्रदेश की 200 सीटों पर लड़ेगी वाहिनी चुनाव, सक्रांति पर नाम का होगा ऐलान

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GEETANJALI POST

सीकर। दीनदयाल वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष  घनश्याम तिवाड़ी ने घोषणा करते हुए कहा कि मकर सक्रांति पर प्रदेश में नई राजनीतिक शक्ति का उदय होगा। उस वाहिनी के राजनीतिक दल के नाम कीघोषणा की जायेगी साथ हमारी पार्टी प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ेगी। तिवाड़ी ने कहा कि आगामी चुनावों में वे वर्तमान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चुनाव नहीं लड़ेंगे। वे सांगानेर से ही विधायकका चुनाव लड़ेंगे।

रामलीला मैदान से पुराना संबंधतिवाड़ी 

दीनदयाल वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने रविवार को सीकर के रामलीला मैदान में प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने रामलीला मैदान सीकर से जुड़ी अपनी यादों से भाषण कीशुरूआत करते हुए कहा कि यही मैदान है जहां मेरे राजनीतिक जीवन की कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटी। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान इसी मैदान से पुलिस ने मुझे भाषण देते वक्त गिरफ्तार किया था।  पिछले चुनावों में कांग्रेस के प्रति इतना गुस्सा था कि राज्य में सफाया कर दिया था और आज राजस्थान में सामंतवादी तानाशाही सरकार के भ्रष्टाचार व अराजकता से त्रस्त है। जनताको तीसरे विकल्प की जरूरत है। अब कांग्रेस जनहित के कोई काम न करने के बावजूद भाजपा शासन के नकारात्मक वोटों से दुबारा सत्ता में आने के सपने देख रही है। चारों तरफ संस्थागत भ्रष्टाचार इतनाफैल गया है कि बिना पैसे के कोई काम नहीं हो रहा है। मंत्री व अधिकारियों की किसी की नहीं चलती है। भ्रष्ट अफसरों को बहाल करके पोस्टिंग भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हद तो तबकर दी जब राज्य सरकार भ्रष्ट लोगों के संरक्षण के लिए काला कानून ही ले आई। जिसको भारी विरोध के बावजूद वापिस नहीं लिया गया है। आपातकाल जैसी परिस्थिति उत्पन्न हो रही है।

सामाजिक समरसता के लिए वंचित वर्ग को भी आरक्षणतिवाड़ी 

सामाजिक समरसता पर बोलते हुए श्री तिवाड़ी ने कहा कि जनप्रतिनिधि अगर जातिवाद पर सोचता है तो वह जनप्रतिनिधि कहलाने लायक नहीं है। संविधान सभा गुलाम भारत में बनी थी। उस सभा मेंलगभग 87 प्रतिशत हिंदू थे, जिनमें भी 84 प्रतिशत केवल ब्राह्मण थे। तो अगर जातिवाद का सोचते तो ब्राह्मण अपना ही आरक्षण करवा सकते थे। मगर उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षणदिया। समाज में आरक्षण को लेकर लड़ाई हो ऐसे फार्मूले को समाप्त करने के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी, विशेष ओबीसी का आरक्षण जारी रखते हुए वंचित वर्गों के गरीब बच्चों को भी 14प्रतिशत का आरक्षण मिले। ऐसी सामाजिक समरसता की लड़ाई हम लड़ रहे हैं। वंचित वर्ग के आरक्षण के बिल को पिछले 4 सालों से सरकार दबा कर बैठी है जिसे विधानसभा में पास भी कर दिया गयामगर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। कांग्रेस जब राज्य और केंद्र में थी तब और आज जब भाजपा भी दोनों जगह सत्तासीन है तब भी संविधान में संशोधन कर नौवीं अनुसूची तक में नहीं डलवा सकी। दोनोंसरकारें इस पूरे मामले में बराबर दोषी है। गुर्जर आरक्षण और वंचित वर्ग के आरक्षण, दोनों ही मामलों में प्रदेश सरकार जनता से धोखा कर रही है।

प्रदेश में नौकरियों की स्थिति स्पष्ट करे सरकारतिवाड़ी 

श्री तिवाड़ी ने कहा कि राजस्थान सरकार ऐसी पहली सरकार बन गई है जो अपने लाए गए पिछड़ा वर्ग आरक्षण विधेयक पर अधिसूचना तक जारी नहीं कर पाई, उससे पहले ही उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी। इस पूरे मामले पर मैंने विधानसभा मेंपहले ही सचेत कर दिया था मगर इस सरकार की समझ समाप्त हो गई। उन्होंने कहा कि ओबीसी मामले में हाई कोर्ट के स्टे के बाद सुप्रीम कोर्ट से गुर्जर आरक्षण को लेकर मिली राहत भी समाप्त हो जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस पूरेघटनाक्रम पर तीन बातें स्पष्ट करें। पहली बात कि क्या राज्य सरकार शेष एक साल के कार्यकाल में संविधान की 9वीं अनुसूची में संशोधन कराकर आरक्षण लागू करवायेगी? दूसरी मुख्य बात यह स्पष्ट करे कि तब तक नौकरियों की क्या स्थिति होगीऔर अंतिम बात न्यायालय में जो विचाराधीन मामले हैं जिनमें लोगों की नियुक्तियां अटकी हैं उनका क्या होगा, क्या अब एक भी नई नियुक्ति सरकार नहीं कर पायेगी?

पद्मावती मामले में भंसाली नहीं राज्य सरकार दोषीतिवाड़ी 

उन्होंने कहा कि पद्मावती को लेकर उठे विवाद की जड़ संजय लीला भंसाली नहीं, राजस्थान सरकार है और ये प्रदेश के लिए दुर्भाग्य का विषय है। राज्य सरकार का कार्य प्रदेश की आन बान और शान की रक्षा करना है, सरकार को इस मामले पर अपनीनीति स्पष्ट करनी चाहिए। किसी की भावनाओं से खेलना व ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ उचित नहीं। जो राष्ट्रवादी संगठन इस पूरे मामले में विरोध जता रहे हैं उन्हें बोस्टन नाम की कंसल्टिंग कंपनी के मुद्दे को भी उठाना चाहिए, जिसके इशारे पर प्रदेशसरकार काम कर रही है। इस निजी कंपनी की लापरवाही का ही नतीजा है कि प्रदेश की शान पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस कंपनी ने राजस्थान ट्यूरिज्म डिपार्टमेंट के आधिकारिक ट्वीटर अकाउंट पर प्रदेश का गौरव चितौड़गढ़ की रानी पद्मनी कोमुगल शासक अलाउद्दीन खिलजी की प्रेमिका बता दिया था।

राजस्थानी स्वाभिमान को नीचा दिखाने का प्रयासतिवाड़ी 

श्री तिवाड़ी ने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री ने तो राजस्थान को बाहरी लोगों का चारागाह बना कर रख दिया। उनके नेतृत्व में सरकार प्रदेश की सम्पदा पर तो डाका डाल ही रही है, प्रदेश के संवैधानिक अधिकारों पर भी डाका डाल रही है। केवलराज्यसभा में ही नहीं राजस्थान के बोर्ड और कार्पोरेशन्स में भी राजस्थान से बाहर के लोगों को लाकर भर दिया गया है। इनमें अधिकांश लोग ऐसे हैं जिन्हें न तो राजस्थान के सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक मुद्दों के बारे में ही कोई जानकारी है और नही जो वे राजस्थान के इतिहास और संस्कृति से ही वाक़िफ़ हैं। क्या मुख्यमंत्री यह मानती है कि राजस्थान में प्रतिभावान लोग नहीं हैं? निजी हितों की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री राजस्थान की प्रतिभा का निरादर करने पर तुली हुई है और अपने कार्यों सेलगातार राजस्थान के स्वाभिमान को नीचा दिखाने का प्रयास कर रही है। यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति में बाधा डालने वाली और जनता को नुक़सान पहुँचाने वाली इस प्रकार की मनमर्ज़ी की राजनीतिक नियुक्तियों कीजानकारी को राजस्थान की जनता के सामने लाना उनका कर्तव्य है। वे पहले भी जनता के सामने इस प्रकार के मुद्दों को रखते रहे हैं और आगे भी लाते रहेंगे। जब तक राजस्थान इस चौतरफ़ा शोषण के शिकंजे से मुक्त नहीं होगा वे अपना कर्तव्य पालनकरते रहेंगे।

कॉरपोरेट जगत को प्रोत्साहन और अन्नदाताओं को भीखतिवाड़ी

प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही भारत विश्व की आठवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बना, परंतु भारतीय 184 वें नंबर पर हैं। इसका अर्थ साफ है कि हमारी कुल संपदा का 58 प्रतिशत देश के केवल 1 प्रतिशत लोगों के पास है।वहीं 68 प्रतिशत किसानों के पास केवल 8.5 प्रतिशत संपदा हैं। तिवाड़ी ने फोर्ब्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ये आश्चर्यजनक है कि ऐसे दौर में भी देश के शीर्ष 100 अमीर लोगों की संपत्ति में 26 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। किसानों की स्थितिपर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट जगत को प्रोत्साहन के रूप में 60 हजार करोड़ की राशि परंतु किसानों को नाममात्र का अनुदान, वह भी भीख के रूप में दिया जाता है। यदि इतना ही अनुदान किसानों को भी मिले तो वे भी सम्मानित जीवन जीसकेंगे।

बिजली और मजदूरी मुफ्त मिले तो किसान को मिलेगा उपज का लाभतिवाड़ी 

किसानों की समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विधानसभा में किसानों के खिलाफ एसआइआर बिल लेकर आई, जिसके कारण किसानों का खुद की जमीन पर से ही वैधानिक अधिकार समाप्त हो गया। श्री तिवाड़ी ने कहा कि हमारी मांग हैउस बिल को सरकार हर हालत में वापस ले। जिस तरह से देश के अन्य राज्यों के किसानों का कर्ज माफ हुआ वैसे ही कर्ज में डूब रहे प्रदेश के किसानों का कर्ज भी माफ होना चाहिए। किसान के द्वारा खेती के लिए जितना भी लोन लिया गया है वह साराका सारा बिना शर्त माफ किया जाना चाहिए। सांगानेर विधायक ने कहा कि जब तक सौर उर्जा के रूप में बिजली और मनरेगा के रूप में मजदूरी किसान को फ्री नहीं मिलेगी तब तक किसानों को उपज का लाभ नहीं मिलेगा। प्रदेश में स्वामीनाथन आयोगको लागू कर उपज का डेढ़ गुना किसानों को दिया जाना चाहिए, यह राज्यभर के किसानों की मांग है जब तक इस मांग को मान नहीं लिया जायेगा तब तक राज्य का किसान चैन से नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि हम किसानों के हक और अधिकार केलिए बड़ी से बड़ी लड़ाई लड़ने के लिये तैयार हैं।

पिछले 10 साल में अब तक एक भी विधवा को नौकरी नहींतिवाड़ी 

पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन के 5 साल व वर्तमान सरकार के 4 साल के शासन ने युवाओं के साथ धोखा किया। चुनाव से पहले 15 लाख नौकरी देने का वादा करने वाली भाजपा सरकार ने चुनाव के बाद सरकारी नौकरी देने का नाम तक नहींलिया। बल्कि जो नौकरियां निकाली उनको भी जानबूझ कर न्यायालयों में अटका दी। ऐसे में बेरोजगार युवाओं में आक्रोश फैला हुआ है, जिसकी वजह से प्रदेश में अराजकता की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मेरे शिक्षा मंत्री कार्यकाल में विधवाओंको नौकरियां दी गई थी तबसे अब 10 साल बाद एक भी विधवा को नौकरी नहीं दी गई।

जल्दी ही भाजपा और कांग्रेस से बड़ी पार्टी बनेगी वाहिनी 

दीनदयाल वाहिनी के प्रदेश सचिव श्री अखिलेश तिवाड़ी ने कहा कि आज की राजनीति में विनयशीलता की कमी आ गई है। इसीलिए युवाओं को विनयशीलता को अपनाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दशा व व्यवहार पर व्यंग्य करते हुए कहा कि आजकल रावणों की उम्र घटकर महज पांच वर्ष हो गई है। आज संगठन दृष्टि से प्रदेश में 39 जिलों के 11 संभागों में दीनदयाल वाहिनी का कार्य 160 विधानसभा क्षेत्रों मेंमजबूती से खड़ा है। श्री अखिलेश ने कहा कि जिस प्रकार से राजस्थान की जनता का समर्थन हमें मिल रहा उससे लगता है कि जल्दी ही वाहिनी, कांग्रेस और भाजपा से भी बड़ा राजनीतिक दल बन कर खड़ा होगा। हमारी विशेषता है कि राजस्थान काप्रत्येक जातिय समाज वाहिनी का प्रतिनिधित्व कर रहा है।

घनश्याम तिवाड़ी दो पीढ़ियों से तानाशाही के खिलाफ आंदोलनरतअखिलेश तिवाड़ी

अखिलेश तिवाड़ी ने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री आदरणीय घनश्याम तिवाड़ी सच्चे युवा हैं। आपातकाल के दौरान वे भारत के सबसे युवा आंदोलनकारी थे जिस पर सरकार द्वारा सबसे ज्यादा टॉर्चर किया गया था। उस दौरान भी वे राजनीतिक तानाशाहीके खिलाफ आंदोलरत थे और आज भी। उन्होंने कहा कि वाहिनी के विस्तार का मुख्य कारण राजस्थान की जनता का पांच साल भाजपा और पांच साल कांग्रेस की राजनीतिक गुलामी से तंग होना है। इस पांच पांच साल के लूट के लाईसेंस के खिलाफजनता को एक तीसरा विकल्प चाहिए। जिस संघर्ष में हम प्रवेश करने जा रहे हैं माना कि वह बहुत बड़ा परपूर्व शिक्षा मंत्री श्री घनश्याम तिवाड़ी का नेतृत्व उससे भी बड़ा है।

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