क्या विवादास्पद सामग्री का विदेश में रिलीज किया जाना उचित हैं ?

269
6

गीतांजलि पोस्ट…….. (रेणु शर्मा,जयपुर) सर्वविदीत हैं की संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती, भारत में एक दिसंबर को रिलीज होने वाली थी, फिल्म रिलीज को रोकने के लिए देश भर में विवाद चल रहा हैं जगह-जगह धरने-प्रदर्शन किये जा रहे है, राजस्थान, यूपी, एमपी , पंजाब और गुजरात में फिल्म के प्रदर्शन रोक लगाई जा चुकी है। भंसाली ने हालांकि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ से इनकार किया है। लगातार धमकियों के बाद फिल्म के निर्देशक  भंसाली और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के घरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई और उन्हें अंगरक्षक मुहैया कराए हैं। सुप्रीम कोर्ट में फिल्म के प्रदर्शन को रोकने के लिये याचिका लगायी गयी, जिसकी आगामी सुनवायी 28 नवंबर को होनी हैं वही दूसरी ओर ब्रिटिश बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन(बीबीएफसी) ने पद्मावती को बिना कोई काट-छाट किये यह कहकर पास कर दिया कि फिल्म पद्मावती हिंदी भाषा की एपिक ड्रामा है, जिसमें एक सुल्तान राजपूत रानी को हासिल करने के लिए आक्रमण का नेतृत्व करता है। भारतीयों की भावनाओं से खिलवाड करते हुए उसने फिल्म को एपिक ड्रामा कैटेगरी में 12A का सर्टिफिकेट दे दिया, जिसके अनुसार फिल्म को 12 साल या उससे अधिक उम्र के व्याक्तियों को दिखाई जा सकती है।

भारत में फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड से प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण फिल्म रिलीज नहीं हो पायी। पद्मावती फिल्म में ऐसा क्या हैं जिसका देश भर में विरोध होने के बावजूद भंसाली फिल्म को प्रदर्शित करने की जिद लिये हुए हैं जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा हैं ओर भंसाली दूसरे देशों के सहयोग से फिल्म प्रदशर्न करना चाहता हैं। विश्व के करीब 50 देशों में फिल्म को सर्टिफिकेशन देने की प्रक्रिया चल रही हैं, 23 नवम्बर को ब्रिटिश बीबीएफसी से फिल्म को सर्टिफिकेट मिल गया हैं इसके बाद विवादों में घिरी यह फिल्म ब्रिटेन में एक दिसंबर को रिलीज होने जा रही है, इसे पैरामाउंट पिक्च र्स द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वितरित किया जा रहा है। यह फिल्म अब ब्रिटेन में चल सकेगी साथ ही यू-ट्यूब पर अपलोड होने के बाद भारत सहित विश्व के किसी भी देश में में इस फिल्म को देखा जा सकेगा।

भारत सरकार को चाहिये पद्मावती फिल्म ही नहीं बल्कि सभी प्रकाशन करने वाली फिल्म, साहित्य सामग्री जो भारतीय समाज या भारतीय कानून के खिलाफ हो, जिस पर भारत में विवाद चल रहा हो उसे भारत सरकार की अनुमति मिले बिना किसी अन्य राष्ट्र में प्रकाशित या प्रदर्शित करने पर पांबदी लगाये। यदी कोई ऐसा करता हैं तो यह भारत की सार्वभौमिकता से खिलवाड माना जायेगा क्योकि जिस फिल्म, साहित्य सामग्री पर विवाद चल रहा होता हैं उसे अन्य देशों में प्रकाशित या प्रदर्शित करने की अनुमति मिलने पर वह यू-ट्यूब, पाईराइड सीडी के द्वारा सारे भारत में चोरी-छिपे देखी जायेगी जिससे उस पर चल रहा विवाद और बढ सकता हैं। जो देश इस फिल्म को अपने देश मे प्रदर्शित करने की अनुमति दे रहा हैं उस देश के खिलाफ भारत सरकार को विरोध प्रदर्शित करना चाहिये साथ ही फिल्म के निर्माता एंव साहित्य के लेखक, प्रकाशक के खिलाफ देश में जनभावनाओं के साथ खिलवाड करने की कार्यवाही करनी चाहिये।

रेणु शर्मा,जयपुर संपादक -गीतांजलि पोस्ट साप्ताहिक समाचार-पत्र
रेणु शर्मा,जयपुर
संपादक -गीतांजलि पोस्ट साप्ताहिक समाचार-पत्र

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here