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जानलेवा चायनीज मांजा

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मकर-संक्रांति विशेष

GEETANJALI POST (अश्विनी शर्मा, कोटा)

क्या हैं चायनीज मांजा-

हर साल चायनीज मांजा से सैकड़ों लोगो को अपनी जान गवानी पड़ती है तो हजारो लोग  चायनीज मांजा से घायल हो जाते है। चायनीज मांजा बनाने कॉच एंव लोहा प्रयोग में लिया जाता हैं जिससे कोई भी उसके संपर्क मे आने पर कट सकता है लहुलहान होकर मौत भी हो सकती है तथा अगर बिजली को इसकी डोर छू जाये तो करंट भी आ सकता हैं।

पंतगबाजी जानलेवा-

मकर-संक्रांति के अवसर पर डोर-पंतग का कारोबार चरम सीमा पर होत हैं परन्तु वर्तमान समय में धागें के स्थान पर चायनीज मांजे का प्रयोग होने लगा हैं जिससे का रोजाना इंसान के साथ पशु-पक्षियों को घायल होना पड रही है कुछ मामलों तो मौत भी हो जाती हैं हंालाकी प्रशासन ने चायनीज मांजे पर व चायनीज डोर पर प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन इसकी बिक्री पर रोक नही लग पायी।

मेेट्रो के लिये नुकसानदायक पंतगबाजी-

मानसरोवर से चांदपोल तक एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक के आस-पास पतंगबाजी मेट्रो ट्रेन के संचालन को बाधित कर रही है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि जयपुर मेट्रो ट्रैक की विद्युत लाइन में 25 हजार वॉट का करंट होता है, चाइनीज मांझे में आयरन की कोटिंग होने के कारण यह विद्युत का सुचालक होता है। जब चाइनीज मांझे की डोर मेट्रो की बिजली लाइन को छूती है, तो उसमें करंट प्रवाहित होता है। यदि वह धागा किसी ने पकड़ा हुआ होता है, तो उसे करंट लग सकता है, विद्युत तारों पर गिरकर उन्हें आपस में कनेक्ट कर देता है। इससे बिजली लाइन ट्रिप हो जाती है मेट्रो के संचालन में बाधा होती हैं एक ट्रेन में तो शॉर्ट सर्किट के कारण छत में सुराख भी हो गया था।

सुरक्षित पंतगबाजी के चलाये जा रहे हैं जागरूकता अभियान –

मकर सक्रांति पर लोगों को पतंगबाजी करने से तो रोका नहीं जा सकता, लेकिन उन्हें जागरूक किया जा सकता है, सुरक्षित पतंगबाजी के लिए प्रेरित किया जा सकता हैं चाइनीज मांझे से लगातार हो रही घटनाओं के बाद विभिन्न संस्थाओं द्वारा लोगों को जागृत किया जा रहा हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्चे बांटकर पक्षियों को बचाने एवं प्रदूषण मुक्त शहर बनाने की अपील की जा रही हैं।

पंतगबाजी करते समय इन बातों का ध्यान रखे
-पतंग कटाने के बाद डोर को पूरा उतारे तोडकर न छोड़े क्यों की उसी मे अस्सी परसेंट पक्षी फसते है
-मांझे के गुच्छे तारो व पेड़ो पर न फेंके क्यों की इन्हीं में ज्यादा पक्षी फंसते है जिन से उनकी जान जाती है उड़ती पतंग में पक्षी बहुत कम हताहत होते है । चाइनीज मांझे का इस्तेमाल ना करे और बेजुबान पक्षियों की जान बचाये।

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