गर्भाशय केंसर से हरवर्ष 67000 की मौत

0
GEETANJALI  POST

महिलाओं मे गर्भाशय ग्रीवा का केंसर एवं उसकी रोकथाम ” विषय पर सांतवी लाईव  स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम

कोटा (डॉ.प्रभात कुमार सिंघल)  सी.डी.ए. स्थित गवर्मेंट डीवीजनल पब्लिक लाईब्रेरी कोटा में इंडीयन पब्लिक लाईब्रेरी मूवेमेंट एवं इनेली इण्डीया के संयुक्त सहयोग से “ महिलाओं मे गर्भाशय ग्रीवा का केंसर एवं उसकी रोकथाम” विषय पर सांतवी स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम (टेली हेल्थ सर्विस) के लाईव प्रसारण का आयोजन किया गया।
इसमें सीधा संवाद मेंदांता चिकित्सालय- मेडीसिटी नई दिल्ली की गर्भाशय ग्रीवा केंसर , स्त्री रोग एवं रोबोटीक सर्जरी विभाग की निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डा. सभ्यता गुप्ता द्वारा 2.30. से 3.30 तक किया गया इस सुविधा का लाभ स्थानीय पुस्तकालय के 49 पाठकों ने लिया इस प्रसराण में व्यक्ति को अपनी समस्या से जुडें प्रशन पुछनें की सुविधा दी गयी थी।
  डा . डा. सभ्यता गुप्ता नें “महिलाओं मे गर्भाशय ग्रीवा का केंसर एवं उसकी रोकथाम”  विषय पर संबोधित करते हुये बताया कि – भारत में स्तन केंसर के बाद यदि सर्वाधिक केंसर के मरीज मिलते हे तो वह गर्भाषय केंसर के होतें हें , आप आश्चर्य करेंगें कि भारत में प्रतोवर्ष 67000 के करीब महिलाओं की मृत्यु अकेले गर्भाशय के केंसर से होती हें जबकि इसकी रोकथाम संभव हेवं लेकिन जागरुकता के अभाव मे इस तरह के केसेज काफी सामने आतें हें । यदि समय पर स्क्रीनींग तथा टीकाकरण करवा दिया जायें तो इस पर रोकथाम लगायी जा सकती हें अधिकतर यह एक से अधिक व्यक्तियों के सम्पर्क में आने वाली महिलाओं , अधिक समय तक गर्भ्रनिरोधक गोलियों का सेवान इत्यादि से होता हें ।  यह एक वायरल डीजीज हे जो हुमन पेपोलियस वायरस से होती हें । गर्भाशय कैंसर ओवरी के कुछ भागों और उसके आस पास के भागों को प्रभावित कर सकता है। गर्भाशय कैंसर आंतड़ियों, मूत्राशय, लिम्फ नोड्स, पेट, लिवर और फेफड़ों को प्रभावित करता है।
    इस अवसर पर दो  पाठकों जिनमें – दिपिका एवं डीम्पल लोधा ने डा. सभ्यता गुप्ता से सीधें सवाल पुछें । दिपिका नें पुछा कि – गर्भाशय केंसर से बचाव के लियें टीकाकरण उपचार का सही समय क्या होता हें   डा. गुप्ता नें जवाब दिया कि – 9 से 15 वर्ष  । वही डिम्पल नें पुछा कि –  गर्भाशय केंसर के प्रारम्भिक लक्षण कितने समय में दिखायी देने लगतें ।
      संभागीय पुस्तकालय प्रभारी डा. डी.कें श्रीवास्तव ने बताया कि लगातार सांतवी बार इस सेवा के माध्यम से पाठको को निरंतर सेवा से जोडने का प्रयास किया गया हें जिसमें भारत की पहली महिला रोबोटीक सर्जन डा. सभ्यता से पाठकों को सीधे रुबरु होने का मौका मिला ।