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हिन्दुस्तान में तेज़ी से फ़ैल रहा हैं ये रोग, कहीं आप भी इसकी गिरफ्त में तो नहीं आ गए? जाने बचने के उपाय

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GEETANJALI POST ……
रेखराज चौहान- त्वचा सम्बंधित सभी रोगों में दाद, खाज, खुजली सबसे जिद्दी बिमारी होती हैं। चर्म रोग की श्रेणी में आने वाली इन बिमारियों को लेकर यदि थोड़ी भी लापरवाही बरती जाए तो ये त्वचा में अपनी जड़े जमा कर परमानेंट हो जाती हैं, इसके बाद आप कितना भी इलाज करवा ले ये पुन: लौट आती हैं. दाद से बने काले निशानों को एक्जिमा कहा जाता हैं।

लक्षण-त्वचा पर लाल दाने, खुजली, जलन, या दाग के रूप में फैलाव और पुरे शरीर पर एक्जिमा की स्थिति में बुखार इसके कुछ लक्षण हैं।

वजह-ये समस्यां आमतौर पर केमिकल युक्त चीजों जैसे के साबुन, चूना, सोडा, डिटर्जेंट के अधिक इस्तेमाल, मासिक धर्म में परेशानी, कब्ज, रक्त विकार और किसी अन्य दाद, खाज, खुजली वाले व्यक्ति के कपड़े पहनने की वजह से होती हैं।

कैसे बचा जाए-साबुन, शैम्पू और डिटर्जन का इस्तेमाल बंद कर दे. नहाने के लिए जरूरी हो तो ग्लिसिरीन सोप का उपयोग करे, नहाने के बाद नारियल का तेल लगाए। कोई भी एंटी फंगल क्रीम का इस्तेमाल लगातार डॉक्टर के बताए अनुसार करे,बीच में गेप हो जाने से ये दाद जिद्दी हो जाते हैं। कपड़े पर साबुन और डिटर्जन लगाने के बाद उसे अच्छे से धो ले, उनपर इनका कोई अंश ना हो और कपड़े अच्छे से सूखने के बाद ही पहने। नमक का इस्तेमाल बंद या कम कर दे। दाद में से पीप (पानी) निकल रहा हो तो इसे सामान्य पानी से धोए नहीं।

सामान्य दाद का घरेलु नुस्खा..
-समुद्र के पानी में नहाने से एक्जिमा के मरीज को लाभ होता हैं,
-नीम के पत्तों को पानी में उबाल कर उस पानी से नहाए.
-दाद पर अनार के पत्तों का पेस्ट लगाए.
-केले के गुदे में नींबू के रस की कुछ बुँदे मिलाए और दाद वाली जगह पर लगाए.
-बथुआ की सब्जी खाए और उसे उबालकर उसका रस पिए.
-पीसी गाजर में सेंधा नामा मिलाए और उसे गुनगुना गर्म कर दाद पर लगाए.
-कच्चे आलू का रस पिए.
-नींबू के रस में सुखा सिंघाड़ा घिसे और दाद वाली जगह पर लगाए.
-दाद वाली जगह पर हल्दी का लेप लगाए.
-अजवाईन पीस कर गर्म पानी में मिलाए और इससे दाद को धोए.
-नीम के पत्तों का 12 ग्राम रस रोजाना पिए.
-दूध में गुलकंद मिलाकर पिए.
-नीम की पत्ती को दही के साथ पीस लेप बनाए और इसे दाद पर लगाए.
-गेंदे की पत्तियों को उबालकर उसका पेस्ट दाद वाली जगह लगाए.

पकने वाले दाद का नुस्खा – त्रिफला को कडाही या तवे पर ढक के तब तक गरम करे जब तक की वो राख में तब्दील ना हो जाए। अब इसमें घी, फिटकरी, सरसों का तेल और पानी मिला के मलहम तैयार कर ले. इसे दाद वाली जगह पर लगाने से पकने या पसीजने वाले दाद ख़त्म हो जाते हैं।

रूखे एवं जिद्दी दाद का नुस्खा- पलाश के बीज, मुर्दाशंख, सफ़ेदा, कबीला, मैनशिल और माजु फ़ल को सामान मात्रा में लेकर उसमे करंज के पत्तों का रस तथा नींबू का रस मिला ले। अब इसे पुरे दिन ऐसा ही रहने दे और अगले दिन इसकी गोली बना के गुलाबजल के साथ घिसते हुए दाद वाली जगह पर लगाए।

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