3 दिन में 6 जवान शहीद, देश की मांग- करो पलटवार, PAK को फिर सर्जिकल स्ट्राइक का डर

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नई दिल्ली : पाकिस्तान को एक और सर्जिकल स्ट्राइक का डर सताने लगा है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में सुंजवां आर्मी कैंप पर आतंकी हमले के बाद भारत अपने पड़ोसी मुल्क को फिर से इसी अंदाज में सबक सीखा सकता है। भारत ने सुंजवां आर्मी कैंप पर इस हमले के पीछे पाक स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को दोषी करार दिया है। ऐसे में फिर से यह उम्मीद जाग उठी है कि भारतीय सेना सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए उस पर वार करने का फैसला ले सकती है। पाकिस्तान को डर है कि करीब डेढ़ साल पहले जिस तरह उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने एलओसी पार कर सर्जिकल स्ट्राइक किया था वैसा ही फिर से इस बार भी हो सकता है। सर्जिकल स्ट्राइक की आशंका को भांपते हुए पाकिस्तान इस बार थोड़ा सचेत हो गया है और इसको लेकर अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी भी दे डाली है।

पाकिस्तान ने अभी से चेताया
भारत ने सुंजवां आर्मी कैंप पर आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया है, जिसे इस बार भी उसने खारिज कर दिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा है कि भारतीय पक्ष हर बार की तरह उचित जांच किए बगैर गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए निराधार आरोप लगाता है। उल्टे पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया कि कश्मीर में चल रहे ‘सशस्त्र विद्रोह’ पर काबू पाने की कोशिशों में की जा ही क्रूरता से ध्यान हटाने के लिए वह ऐसे आरोप लगा रहा है। साथ ही पाकिस्तान ने एलओसी पार किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई को लेकर भारत को चेतावनी भी दे डाली। पाकिस्तान ने आगे अपने बयान में कहा है कि हमें उम्मीद है कि कश्मीर में उत्पीड़न और मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोक लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत पर दबाव बनाएगा और एलओसी के पार ऐसी घटनाओं पर स्थायी रुप से अंकुश लगे। उसकी ओर से कहा गया कि भारत की तरफ से हमेशा ऐसे आरोप लगाए गए कि पाकिस्तान आतंकियों की ट्रेनिंग कराने और एलओसी के रास्ते उन्हें जम्मू-कश्मीर में घुसाने में मदद करता है।

पुलिस का दावा, आतंकियों की बातचीत रिकॉर्ड
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख एसपी वैद्य ने बताया कि पूरे हफ्ते सुरक्षा एजेंसियों को आतंकियों की बातचीत रिकॉर्ड करने में सफलता मिली है और सारे इशारे जैश की ही तरफ हैं। आतंकी संगठन जैश के ढेरों ग्रुप कश्मीर में सक्रिय हैं और भारतीय सेना  को चुनौती देते रहते हैं। सेना का कहना है कि आतंकियों के पास से असॉल्ट राइफल, ग्रेनेड लॉन्चर और ग्रेनेड्स बरामद हुए हैं। डेढ़ साल पहले सितंबर 2016 में भारतीय आर्मी बेस कैंप उरी में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें देश के 18 जवान शहीद हो गए थे। भारत ने इसके कुछ दिनों बाद पाकिस्तान की सीमा में सर्जिकल स्ट्राइक किया था। सोमवार को भारतीय सैनिकों ने श्रीनगर में स्थित एक अन्य कैंप में हुए आतंकी हमले को नाकाम कर दिया है। पाकिस्तान हमेशा की तरह हर बार आतंकियों को पनाह देने की बात को नकारता रहा है। उसका दावा है कि वह केवल आजादी के लिए संघर्ष करती कश्मीरी अवाम को अपना कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देता है।