चुस्की की शुद्धता की गारंटी नहीं

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गीतांजलि पोस्ट (श्रेयांस )लूनकरनसर : गर्मी का मौसम आते ही गर्म प्रदेशों में शुमार राजस्थान में बर्फ का काफी महत्व हो जाता है ऐसे ही बच्चों में लोकप्रिय पेय पदार्थ चुस्की जो महज एक रुपये की कीमत में प्लास्टिक पौच में रंग बिरंगे रंगों में हर गली मोहल्लों में आपको दिखाई दे जाएगा इनमे भरे सैक्रीन मिश्रित रंगीन पानी के शुद्धता की कोई गारंटी नही न ही इसको बनाने वाले इसके प्रति उत्तरदायी है उन्हें तो मात्र बाजार में चुस्की पूर्ति से मतलब है ।आपको मालूम हो कि इसको बनाने वाले क्या शुद्ध पानी अच्छा रंग और क्या मिठास के लिए चीनी उपयोग में लेते है इसकी जांच कौन करे कोई देखना भी चाहे तब तक सीजन जाने को तैयार रहता है अब आती है नुकसान कि बारी जो बच्चों पर सबसे ज्यादा इसका असर होता है मुनाफे के लिए बच्चों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले सीजन खत्म होते हीअपना धंधा समेट कर नो दो ग्यारह हो जाते है ।लूनकरनसर भर में ऐसे कई सेमि होलसेलर इस कार्य को लंबे समय से अंजाम देकर बच्चो में अनेकों बीमारियों को जन्म दे रहे है ।