स्थानीय मंडी में लहसुन बेचकर सरकार गिरा रही है बाजार भाव

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 गीतांजलि पोस्ट …
कोटा 05 जून , पिछले साल लसहुन की प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर किसानो से झूठा वादा करने वाली सरकार ने इस साल भी किसानो की कमर तोडने में कोई कसर नही छोडी है किसानो ने सरकार के वादे के मुताबिक इस साल भी लहसुन की बपंर पैदावर की लेकिन न तो प्रोसेसिग यूनिट लगी ओर नही बाजार हस्तक्षेप योजना का लाभ मिला , हालात सरकार ने ऐसे बना दिए कि अब बाजार भाव भी सरकार की गिराकर किसानो को बर्बाद करने में जुट गई है। यह आरोप लगाया है पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने । पूर्व मंत्री ने आज भामाशाह मंडी स्थित लहसुन खरीद सहित अन्य फसलो के खरीद केन्द्रो का दौरा किया ओर किसानो की समस्याओ को सुना । धारीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत  32 रूपए किलो में लसहुन खरीद कर स्थानीय मंडी में ही 8 से 10 रूप्ए किलो बेच रही है इससे बाजार में लहसुन के दामो में भारी गिरावट होने से अब किसान अपनी कढी मेहनत की फसल को औने पौने दामो में बेचने पर मजबूर हो रहा है।  80 लाख क्विंटल लहसुन की पैदावर हुई है लेकिन सरकार ने सिर्फ 15 लाख क्विंटल लसहुन खरीदने का लक्ष्य रखा है और वो भी बीते डेढ महीने में महज क्विंटल ही खरीदा गया है किसानो को ऑनलाइन सिस्टम से उलझाकर सरकार की लक्ष्य के मुताबिक भी खरीद करने की नीयत जाहिर कर रहा है । पूर्व मंत्री धारीवाल ने सरकार से मांग की है कि किसानो का पुरा लहसुन खरीदा जाए इसके साथ ही 25 एमएम की बंदिश से किसानो को मुक्त कर राहत दी जाए इसके साथ ही बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीदे जा रहे लहसुन को दुसरे प्रदेशो में बेचा जाए जिससे स्थानीय मंडीयो में लसहुन के भावो में तेजी आ सके। पूर्व मंत्री धारीवाल ने लहसुन के खरीद केन्द्रो के साथ साथ सरसो ओर चने की खरीद भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग करते हुए किसानो को समय पर भुगतान देकर राहत पहुचाने की भी मांग की। भामाशाह मंडी के खरीद केन्द्रो के दौरे के दौरान जिलाध्यक्ष रविन्द्र त्यागी,पूर्व विधायक पूनम गोयल , पीसीसी सचिव शिवकांत नंदवाना ,पीसीसी सदस्य डॉ जफर मोहम्मद , मंडी समिति उपाध्यक्ष देवाभडक ,ब्लांक अध्यक्ष राजीव आचार्य  सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।