SMS अस्पताल के स्टोर में लगी आग, जान बचाने को पैदल ही भागे मरीज

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जयपुर। एसएमएस अस्पताल के बांगड परिसर स्थित कॉर्डियोलॉजी विभाग की कैथ लैब में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के 15 दिन बाद ही बुधवार सुबह यहां दूसरी मंजिल पर स्थित सीटी सर्जरी विभाग के आॅपरेशन थिएटर के स्टोर में भीषण आग लग गई। स्टोर में लगी भीषण आग के धुंऐ से वहीं थिएटर के पास स्थित सीटी सर्जरी आईसीयू से लेकर पूरे बांगड परिसर के सभी वार्डों में धुंआ भर गया।
वार्डों में मौजूद मरीजों को उनके परिजन गोदी में लेकर ही सुरक्षित जगहों पर गए। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को शिफ्ट करने की व्यवस्था को कर दी लेकिन स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं की गई। उधर शाम तक सीटी सर्जरी विभाग की व्यवस्थाएं सुचारू नहीं हो सकी और आॅपरेशन थिएटर भी शुरू नहीं हो सका। इससे पूरे दिन आॅपरेशन नहीं हो सके। आग से स्टोर में रखी 3 से 4 करोड़ की मशीनें जल कर राख हो गई।
स्टोर में लगी आग के धुएं पहुंचा आईसीयू में
सीटी सर्जरी आॅपरेशन थिएटर के पास स्टोर धूं धू करके जलने लगा और धुंआ सबसे पहले थिएटर के पास बने 12 बेड
के सीटी सर्जरी आईसीयू में भरा। यहां अचानक धुंआ भरने लगा तो वहां भर्ती मरीजों की सांसे थम गई। मरीजों में चीख पुकार के साथ ही हाहाकार मच गया। मरीजों के परिजन मरीजों को उठा कर बाहर भागे। नर्सिंग कर्मियों ने आईसीयू के मरीजों को सीटी सर्जरी वार्ड के सेमी आईसीयू में शिफ्ट किया।
नर्सिंग कर्मियों ने आईसीयू से मरीजों को निकाल कर वार्ड के सेमी आईसीयू में भर्ती को कर दिया लेकिन जो मरीज आईसीयू में आॅक्सीजन पर थे उनको वहां कुछ ही देर में तकलीफ होने लगी। वहां आॅक्सीजन की कोई व्यवस्था नहीं थी। अफरा तफरी मची तो पता चला कि सेमी आईसीयू में आॅक्सीजन लाइन बंद थी। शाम तक भी आॅक्सीजन लाइनो से आॅक्सीजन की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी।
मरीज पैदल ही भागे जान बचाने को
आग का धुआं कॉर्डियोलॉजी विभाग से होता हुआ न्यूरो सर्जरी विभाग तक पहुंंच गया। मरीज धुंआ देख कर भागने लगे। अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों ने मरीजों को यह तो बताया कि वैकल्पिक व्यववस्था डे केयर सेंटर में कर दी गई है लेकिन मरीजों को वहां शिफ्ट करने के लिए न तो स्ट्रेचर दिए गए और न ही व्हील चेयर। परिजन मरीजों को गोद में लेकर भागते रहे।
तीन घंटे की कोशिश के बाद बांगड में हालात सामान्य हुए तो डे केयर सेंटर से मरीज वापस वार्डों में लौटने लगे। लेकिन वार्ड में लौटते समय भी उनको न स्ट्रेचर मिले और न ही व्हील चैयर। मरीज अपने परिजनों के कंधों पर ही वहां गए और कंधों पर ही वार्डो में लौटे। सूत्रों के अनुसार स्टोर में प्लाजमा मशीन, ईटीओ मशीन,सैल्फ सेवर मशीन और टूडी ईको मशीन रखी थी। आग ये सभी मशीनें जल कर राख हो गई वहीं अन्य सामान भी जल गया