मोदीजी गुंड़े गौरक्षकों को बेनकाब करके दण्डित करो

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लगता है सारे कुए में ही भांग पड़ी हुई है, कहा गये गायों की सेवा करने वाले…….जयपुर की हिंगोनिया को देखो या जोधपुर की नांदडी को सभी गौशाला के यही हाल है । सरकार द्वारा करोड़ोंं रूपयों का अनुदान देने पर भी गाये भूख से मर रही हैं लगता हैं गायो का चारा सरकारी कर्मचारी और गौशालाओ के ट्रस्ट वाले खा जाते है । मोदीजी ने सही कहा था कि गाय की सेवा के नाम पर पैसा कमाने वाले दिन मे अपने काले कारनामों को छिपाने के लिये गौसेवक बनने का ढ़ोग रचते हैं ओर साथ ही गौसेवा के नाम पर गौशाला या समाजसेवी संस्था बनाकर सरकार के साथ-साथ जनता से भी पैसा लेते हैं लेकिन गायों की सेवा-सुरक्षा करने के नाम से पैसा लेकर गायों के लिये काम नही करना गलत हैं ऐसे लोगों पर कानूनन उचित कार्यवायी होनी चाहिये।

हाईकार्ट भी कह चुका हैं कि अफसरों ठेकेदारों की मिलीभक्ति के कारण गायों तक चारा नहीं पहुंचता हैं फिर जिम्मेदारी के मामले में सरकार क्यो चुप हैं। जबकि राजस्थान में तो अलग से गौपालन मंत्रालय बना दिया फिर भी गायों की हालत खराब हैं आज से पहले भी बहुत बार हिंगोनिया गौशाला की अव्यवस्थाओं को लेकर मामला सामने आ चुका हैं लेकिन सरकार न जाने क्यों खामोश बैठी रही यह एक सोचने का विषय है। वही दूसरी ओर गौरक्षा के नाम पर गौसेवको और गौरक्षको द्वारा अपने हाथ में कानून लेना गलत है अगर पुलिस कार्रवाई न करे तो प्रदर्शन करें लेकिन अपने हाथ मे कानून नहीं ले। गौ हत्या करने वालों पर पुलिस को भी तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए । राजस्थान में मोदीजी की पार्टी सरकार होने के वाबजूद गायों पर अत्याचार क्यों रहा हैं और दोषियों को दण्ड़ क्यों नहीं दिया जा रहा हैं।

पहले जब कोई गाय को मार देता था या किसी कारण गाय मर जाती थी तो उसका प्रायश्चित किया जाता था लोग गंगा में स्नान करते थे साथ ही गायों के लिये दान-पुण्य करते थे तभी वो समाज की दृष्टि में एंव स्वंय कि दृष्टि में पाक-साफ होते थे । वर्तमान समय में समाज का तो कोई दण्ड़-विधान रहा नहीं ओर स्वंय इंसान में यदी नैतिकता होती तो वो ऐस घिनोना काम क्यों करते अब उनको दण्डि़त करने का काम सरकार एंव ईश्वर का हैं देखते हैं सरकार दोषी व्यक्तियों को जेल की हवा खिलायेगी या पहले की तरह मामला ठण्ड़े बस्ते में ड़ाल देगी लेकिन ईश्वर के यहा देर हैं लेकिन अंधेर नही उसके द्वारा दोषियों को तो दण्डि़त करने के साथ ही दोषियों को दण्डि़त करने के लिये जो सरकार रूपी संस्था बनी हैं उनको भी देर-सबेर दण्डि़त किया ही जायेगा ।

राजस्थान प्रशासन को चाहिए कि दोषियों को शीघ्र पकड़कर कठोर सजा दे जिससे ऐसी गलती करने वालों को कई बार सोचना पड़ेगा कि गौहत्या करने का क्या हाल होता है । बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालूप्रसाद यादव को गायों के चारा घोटाले में ही जेल हुई थी ओर वो अभी तक भी चुनाव नहीं लड़ पा रहे है। अब देखना ये हैं कि गौमाता की हाय किसे लगती हैं।