आज भी क्यो बिकती है बेटियां……………

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नाबालिक के दलित माता-पिता घर बंद कर गांव से हुऐ फरार

  • दलित माता-पिता ने बेची अपनी 13 वर्षीय नाबालिक बेटी
  •  अज्ञात स्थान पर ले जाकर नाबालिक लड़की की करवाई शादी
  •  परिजनों का आरोप , पैसे लेकर बेटी कि करवाई जबरन शादी
  • शिकायत के बाद भी पुलिस व प्रशासन ने नही की सूनवाई
  • सगी मौसी मन्जू ने बेटी के लिये उठाई इंसाफ की आवाज

चिड़ावा।(मुकेश पारीक) बेटियां रियो ओलंपिक में बेटियों के दम पर भारत को मिले पदक से जहां हर भारत वासी गौरवावित है वहीं इसी भारत में आज भी बेटियां मजबूर और लाचार नजर आती है। बड़ा सवाल है कि आखिर बेटियां कब होगी सुरक्षित। बेटियां कबतक प्रताडि़त होती रहेगी , आखिर क्यो नही मिलता बेटियों को समाज में इंसाफ। कभी समाज से प्रताडि़त होती है बेटियां , तो कभी अपनों के द्वारा प्रताडि़त हो रही है बेटियां। लालच और मजबूरी की अग्रि कूण्ड में कबतक देती रहेगी बलीदान बेटियां।

जी हा आज भी राजस्थान में यही स्थिति देखने को मिलती है जहां बेटियों को या तो जन्म से पहले ही मार दिया जाता है या फिर जन्म के बाद मरने के लिये छोड़ दी जाती है बेटियां। या फिर किसी तरह बेटी बच जाती है तो उसकी सही उम्र से पहले ही पैसों के लालच में बेच दी जाती है बेटियां। ऐसा ही मामला सामने आया है जहां पैसों के लालच में अपनों ने ही अपनी नाबालिक बेटी को बेच डाला। मामाल चिड़ावा उपखंड क्षेत्र के मालुपुरा गांव का है जहां दलित माता-पिता ने मात्र 13 साल की नाबालिक बेटी को पैसे लेकर बेच दिया। ऐ हम नही कह रहे है ऐ आरोप नाबालिक लड़की कि सगी मौसी और उसके मौसा ने लगाया है।

जानकारी के अनुसार चिड़ावा पंचायत समिति क्षेत्र के मालुपुरा गांव के नरेश मेघवाल और उसकी पत्नि सुमन रक्षा बंधन के दुसरे दिन (19 अगस्त) को अपनी 13 वर्षीय नाबालिक बेटी को साथ लेकर राखी बंधवाने मामा के घर जाने की बात कहकर गये थे और 20 को वापस लौट आये लेकिन उनके साथ उसकी बेटी वापस नही आई। पुछने पर बताया कि लड़की मामा के घर ही रूक गई। लेकिन उसी रोज राखी बंधवाने लड़की के मामा घर पहुंचे तब परिवार के लोगों का हकिकत से सामना हुआ। नाबालिक लड़की की सगी मौसी मन्जू ने बताया कि उसकी बहन ने पैसे लेकर बेटी को बेचा है या फिर उसकी जबरन कही शादी करवाई है। इसकी जानकारी परिवार के लोगों और गांव वालों से छुपा कर रखी गई। लेकिन सच का सामना हुआ तो परिजनों ने विरोध जताया और पुरी जानकारी जानने की कोशिश की मगर आरोपी नरेश मेघवाल और उसकी पत्नि ने कुछ भी नही बताया। जिससे खफा परिवार के सदस्य और लड़की के मामा चिड़ावा थाने पहुचें लेकिन वहीं भी पुलिस वालों ने कोई सूनवाई नही की। परिजनो के मुताबिक पुलिस वालो ने ऐ कहकर पल्ला छाड़ लिया कि आपकी बेटी तो नही थी , उसकी बेटी थी उसने कुछ भी किया हो आपको क्या लेना। आखिरकार परेशान परिवार वापस अपने गांव लौट आये और अपने स्त्तर पर ही बेटी का पता लगाने के प्रयास करते रहे। इस दौरान परिवार के सदस्यों को लगातार धमकियां मिलती रही जिससे परेशान होकर परिवार के मुखिया लिलाधर मेघवाल ने मीडिया का सहारा लिया और बेटी के साथ हुई घटना की जानकारी साक्षा की मीडिया की भनक लगने के बाद आरोपी नरेश मेघवाल और उसकी पत्नि सुमन गांव स्थित अपने घर को बंद कर गायब हो गये है। इस संबध में गांव के लोगों ने बताया कि हकिकत में बेटी को लालची माता-पिता ने पैसों के लिये बेचा है। वहीं सूत्रों के मुताबीक लड़की की शादी पिलानी के पास देवरोड़ में छुपाकर की गई है। ग्रामीणों के मुताबीक नाबालिक लड़की का पिता मजदूरी कर घर का खर्चा चला रहा था। गरीबी से परेशान होकर उसने अपनी ही बेटी को अज्ञात स्थान पर ले जाकर शादी के नाम पर बेच दिया। इस घटना के विरोध में आवाज उठाने वाला परिवार को लगातार मिलरही धमकियों के कारण परिवार दहशत में है वहीं ग्रामीणों को भी काफी शर्मिन्दगी झेलनी पड़ रही है।

कैमरे के सामने तो कोई अधिकारी कुछ नही बता रहा

ग्राम सरपंच रवि मेघवाल से जानकारी ली तो उन्होने बताया कि उनके समाज से जुड़ा हुआ मामला होने के कारण उनको भी यही पता है कि नाबालिक की अज्ञात स्थान पर शादी करवा दी गई है। उन्होने कहा कि बाल विवाह कुरितियों की रोकथाम का प्रयास कर रहे है लेकिन समाज के कुछ लोग इस प्रकार की घटना को छुपछुपाकर अंजाम देते ही देते है। उन्होने कहा कि जरूरत है कि प्रसाशन इस मामले की जांच करे और सच सामने लाये।

इस घटना पर लोगों का मानना है कि हर गरीब ऐसे ही बेटियों को अपनाने की बजाय बेटियों को नाबालिक उम्र में बेचा गया तो बेटियों को न्याय नही मिलेगा। सवाल यही है कि आखिर इस मामले की जानकारी परिजनों के द्वारा पुलिस प्रशासन को दी गई तो फिर छुपाई क्यो गयी। इस संबध में कैमरे के सामने तो कोई अधिकारी कुछ नही बता रहा है। लेकिन इस घटना से प्रशासन पर सवाल जरूर खड़े होते है। मान भी लिया जाए कि पिता ने अपनी बेटी को बेचने की बजाय उसकी शादी करवा दी है तो भी नाबालिक की शादी करवाना कानूनन अपराध बनता है। आखिर कौन है ऐसे लोग जो बेटियों की खरीद-फरोख्त करते है। क्यो पुलिस प्रशासन ऐसे लोगों की पहचान नही करता। जरूरत है ऐसे मामलों में कार्यवाई की लेकिन जिनके जिम्मे कार्यवाई और न्याय दिलाने की बागडोर है वो सिर्फ तमाशबीन बने हुऐ है। अब देखना होगा कि ऐसे हालात में क्या बेटियों को सही मायने में जीने का हक मिल पाऐगा या नही।