टोल टैक्स बचाने के लिए लगाई जिला उपप्रमुख ने फर्जी लालबत्ती

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एक बार फिर हत्थे चढ़ी फर्जी लालबत्ती की कार  

गुरुग्राम जिले का जिला उपप्रमुख है आरोपित

शाहपुरा पुलिस की लगातार छठी कार्रवाई 

शाहपुरा(सांवरमल तक्षक) पुलिस ने एक बार फिर सोमवार को कार्रवाई करते हुए अनधिकृत रूप से लाल बत्ती लगी कार को पकड़ा है। पकड़ा गया आरोपित संजीव कुमार गुरुग्राम जिला परिषद् में उप प्रमुख है! वह अपने साथियो के साथ सालासर बालाजी के दर्शनों के लिए जा रहा था! उसने कार पर लाल बत्ती टोल टैक्स बचाने के लिए लगाई थी! सब इंस्पेक्टर कैलाश मीना ने बताया कि लाल बत्ती लगी हरियाणा नंबर की एक लग्जरी कार पर सालासर की और जाते समय शाहपुरा के पिपली तिराहे पर तैनात पुलिस को संदेह हुआ! पुलिस ने कार रुकवाकर पूछताछ की तो कार सवार संजीव कुमार ने स्वयं को गुरुग्राम जिला परिषद् का उप प्रमुख बताया! जो की लाल बत्ती लगाने के लिए अधिकृत नहीं है! इस पर शाहपुरा पुलिस ने कार को जब्त कर लिया। तथा जुर्माना लगाकर छोड़ दिया!

डेढ़ माह में छठी करवाई—-

शाहपुरा थाना प्रभारी हरिपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि दूसरो पर रौब गांठने, टोल टैक्स बचाने और विभिन्न स्थानों पर पुलिसिया जांच से बचने के लिए लोग अपने निजी वाहन पर अनाधिकृत रूप से लाल व नीलीबत्ती का उपयोग कर रहे है। ऐसे लोगो पर शाहपुरा पुलिस ने एक माह में विभिन्न स्थानों से छः गाड़ियों पर करवाई कर जब्त किया है। सूत्रों की माने तो लाल व नीलीबत्ती की कार पर कार्रवाई करने से पुलिस और परिवहन विभाग के कर्मी भी हिचकते है। इसी का फायदा उठाकर अनाधिकृत लोग लग्जरी कारों पर लाल व् नीलीबत्ती व हूटर लगाकर घूम रहे है। इसकी बानगी शाहपुरा थाना इलाके में देखने को मिल रही है। जंहा शाहपुरा पुलिस ने करीब एक ही माह में अलग-अलग स्थानों से छठी कार्रवाई कर फ़र्ज़ी तरीके से लाल व नीलीबत्ती लगाकर घूम रहे व्यक्तियों को पकड़ा है। इनमे एक जने ने तो स्वयं को आप पार्टी का विधायक तो दूसरे मामले में गृहमंत्री राजनाथ सिंह का पीए तक बता दिया था। हालांकि बाद में पूछताछ में दोनों ही मामलो में आरोपित वीआईपी न होकर मामूली कार्यकर्ता निकले। सूत्रों की मानें तो विभिन्न राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता अपनी कारों पर लाल व नीलीबत्ती, हूटर और पार्टी के अध्यक्ष लिखी नेम प्लेट लगाकर घूमते है। इनमे विशेषकर दूसरे राज्य हरियाणा और दिल्ली नंबर की गाड़ियों पर करवाई हुई है।  लाल व नीलीबत्ती लगाकर घूमने के पीछे उनकी मंशा विभिन्न स्थानों पर लगने वाले टोल टैक्स से छूट मिलने, पुलिसिया जांच से बचना और वीआईपी ट्रीटमेंट मिलना है।