केरल को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया

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स्वच्छ भारत अभियान (एसबीएम) (ग्रामीण) के अंतर्गत केरल को अब तक तीसरा और सबसे बड़ा खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) राज्य घोषित किया गया है। इसकी औपचारिक घोषणा केरल के मुख्यमंत्री  पिनाराई विजयन ने तिरुवनंतपुरम के केन्द्रीय स्टेडियम में एक शानदार समारोह में की। विजयन ने राज्य में इस शानदार उपलब्धि में शामिल जिला कलेक्टरों और अन्य सरकारी अधिकारियों को पुरस्कार और बधाई दी।

इसके साथ ही केरल के सभी 14 जिलों, 152 ब्लॉकों, 940 ग्राम पंचायतों और 2117 पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया है। खुले में शौच से मुक्ति विशेष रूप से बच्चों में जल जनित बीमारियों से बचाव से जुड़े स्वास्थ्य लाभ और महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षा और सम्मान प्रदान करती है। सिक्किम (6 लाख) और हिमाचल प्रदेश (70 लाख) के बाद करीब 3.5 करोड़ की ग्रामीण आबादी के साथ खुले में शौच से मुक्ति का दर्जा प्राप्त करने वाला केरल सबसे बड़ा राज्य है।

इस अवसर पर, अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने खुले में शौच से मुक्त दर्जा प्राप्त करने के लिए राज्य द्वारा व्यवहार परिवर्तन के लिए किए गए प्रयासों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने इस दर्जे को बनाए रखने के लिए स्वच्छता पर निरंतर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

अपने अध्यक्षीय भाषण में स्थानीय सरकार, अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ़ और हज तीर्थयात्री राज्य मंत्री डॉ. के.पी. जलील ने स्वच्छ भारत और केरल के वास्तविक निर्माण के लिए प्रभावी ठोस और तरल कचरा प्रबंधन के महत्व पर बल दिया।

अपने स्वागत संभाषण में मुख्य सचिव  एस.एम. विजयानंद ने राज्य में खुले में शौच मुक्त स्थिति को बनाए रखने के लिए स्थानीय शासन की भूमिका पर जोर दिया और अगले चरण के प्रयासों में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन पर ध्यान केन्द्रित किया।

केन्द्रीय पेयजल और स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर ने अपने संबोधन में स्वच्छता पर राज्य सरकार के केन्द्रित प्रयासों की सराहना की और इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को प्राप्त करने के लिए राज्य को शुभकामनाएं दी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि केन्द्र स्वच्छ भारत और अगले चरण में स्वच्छ केरल के निर्माण की दिशा में किए जा रहे राज्य के प्रयासों का समर्थन जारी रखेगा।

इस अवसर पर विपक्ष के नेता  रमेश चेन्नीथला, राजस्व मंत्री  ई. चन्द्रशेखरन, जल संसाधन मंत्री मैथ्यू टी. थॉमस, संसद सदस्य शशि थरुर और अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।