चमत्कारी नारियल एक फल फायदे अनेक

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गीतांजलि पोस्ट……………….कैलोरी से भरपूर है नारियल…………रेनू शर्मा

-नारियल की तासीर ठंडी होती है।
ताजा नारियल कैलोरी से भरपूर होता है। इसमें अनेक पोषक तत्व होते हैं।
-नारियल के कोमल तनों से जो रस निकलता है उसे माड़ी(नीर)कहते हैं उसे लज्जतदार पेय माना जाता
-सोते समय नारियल पानी पीने से नाड़ी संस्थान को बल मिलता है तथा नींद अच्छी आती है।
-जिन शिशुओं को दूध नहीं पचता उन्हें दूध के साथ नारियल पानी मिलाकर पिलाना चाहिए।
-शिशु को डि-हाइड्रेशन होने पर नारियल पानी में नीबू मिलाकर पिलाना चाहिए।

नारियल की ये प्राचीन बातें जानेंगे तो आप भी मानेंगे ये है चमत्कारी हम सभी जानते हैं पूजन कर्म में नारियल का महत्वपूर्ण स्थान है।किसी भी देवी- देवता की पूजा नारियल के बिना अधूरी ही मानी जाती है।नारियल खाने से शारीरिक दुर्बलता एवं भगवान को नारियल चढ़ाने से धन संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं।
सौभाग्य का प्रतीक है नारियल
श्रीफल भगवान शिव का परम प्रिय फल है। नारियल में बनी तीन आंखों को त्रिनेत्र के रूप में देखा जाता है। नारियल को श्रीफल भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है, जब भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर अवतार लिया तो वे अपने साथ तीन चीजें- लक्ष्मी, नारियल का वृक्ष तथा कामधेनु लाए। इसलिए नारियल के वृक्ष को कल्पवृक्ष भी कहते है। नारियल में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों ही देवताओं का वास माना गया है।

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स्त्रियां क्यों नहीं फोड़तीं नारियल
महिलाएं नारियल नहीं फोड़तीं यह भी एक तथ्य हैं लेकिन इसका कारण भी हैं क्योकि नारियल बीज रूप है, इसलिए इसे उत्पादन (प्रजनन) क्षमता से जोड़ा गया है। स्त्रियों बीज रूप से ही शिशु को जन्म देती है और इसलिए नारी के लिए बीज रूपी नारियल को फोडऩा अशुभ माना गया है। देवी-देवताओं को श्रीफल चढ़ाने के बाद पुरुष ही इसे फोड़ते हैं। नारियल से निकले जल से भगवान की प्रतिमाओं का अभिषेक भी किया जाता है।

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