बिना किसी तैयारी के बहुमंजिला इमारतों में पानी देने की झूठी घोषणा जनता के साथ धोखा-खाचरियावास

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जयपुर, 03 दिसम्बर 2016 राजस्थान प्रदेष कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं जयपुर षहर जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि बहुमंजिला इमारतों में राज्य सरकार द्वारा जलदाय विभाग के जरिये पानी सप्लाई करने की योजना लागू करने की जो घोषणा की गई है वो पूरी तरह से झूठ का पुलिन्दा मात्र है। बहुमंजिला इमारतों में पानी देने की दरें तक प्रति स्कावयर फीट के आधार पर राज्य सरकार ने लागू करने की घोषणा कर दी है जबकि आने वाले दो वर्ष तक बहुमंजिला इमारतों में पानी सप्लाई के लिये राज्य सरकार और जलदाय विभाग ने जमीनी स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं की है।
खाचरियावास ने कहा कि अब जब सरकार के तीन वर्ष पूरे हो गये हैं और तीन वर्ष में जनता को बताने के लिये कोई काम नहीं है, तब सिर्फ कागजी घोषणायें करके राज्य सरकार लोगों को भ्रमित करने का काम कर रही है जो अलोकतांत्रिक और गैर कानूनी है तथा जनता के हितों के साथ कुठाराघात है।
खाचरियावास ने कहा कि बहुमंजिला इमारतों में पानी सप्लाई के लिये आने वाले तीन वर्ष तक जयपुर सहित सभी जगह नये स्टोरेज प्लांट और नयी पाईप लाईनें बिछाई जावें, उसके बाद ही यह काम संभव होगा। यह सब काम किये बगैर ही बिना रोडमैप तय किये सरकार ने जनता की वाहवाही लूटने के लिये इमारतों में पानी सप्लाई की घोषणा कर दी।
खाचरियावास ने कहा कि बहुमंजिला इमारतों को पानी सप्लाई करना बहुत दूर की बात है, अभी तक जयपुर की 50 प्रतिषत कॉलोनियों को जलदाय विभाग की पाईप लाईनों और बीसलपुर से ही नहीं जोड़ा गया है। भाजपा सरकार के पिछले तीन वर्ष के कार्यकाल में किसी भी नयी कॉलोनी को जलदाय विभाग ने पानी सप्लाई नहीं किया है तथा पृथ्वीराज नगर सहित जयपुर की 50 प्रतिषत कॉलोनियां ऐसी हैं जहां पर लोगों को जलदाय विभाग पानी सप्लाई नहीं कर रहा है। सांगानेर, खोनागोरियान, पृथ्वीराज नगर, कालवाड़ रोड़, टोंक रोड और दिल्ली रोड पर बसी हुई कॉलोनियों के लोग पिछले तीन वर्ष से पानी की किल्लत के लिये आंदोलन कर रहे हैं लेकिन उन्हें आज तक जलदाय विभाग ने पानी सप्लाई करने की व्यवस्था नहीं की है।
खाचरियावास ने राज्य सरकार और जलदाय मंत्री किरण माहेष्वरी को सुझाव देते हुये कहा कि पहले इन कॉलोनियों को पानी सप्लाई करने की व्यवस्था करो, बहुमंजिला इमारतों के लिये पाईप लाईनें बिछाये तथा पानी के स्टोरेज प्लांट बनाकर पानी सप्लाई करना षुरू करते, उसके कुछ समय पूर्व दरें निर्धारित की जाती तो लगता कि सरकार इस योजना को लेकर गंभीर है लेकिन बिना कोई जमीनी तैयारी किये बहुमंजिला इमारतों में पानी देने की घोषणा करना सरकार की “थोथा चना बाजे घना” की कहावत को दर्षाता है। सरकार को यह षोभा नहीं देता कि बिना किसी कार्य को अंजाम दिये बगैर उसकी घोषणा जनता के बीच में जाकर कर दें, यह जनता के साथ सरासर धोखा है।