उप चुनाव की तैयारियॉं शुरू

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धौलपुर, 6 मार्च। चुनाव आयोग ने धौलपुर विधानसभा उप चुनाव की तैयारियॉं शुरू कर दी हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी शुचि त्यागी ने सोमवार देर शाम सेक्टर अधिकारियों और स्थैतिक निगरानी दल के अधिकरियों की कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेकर प्रारम्भिक चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आचार संहिता की पालना कडाई से- जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि उप चुनाव की तारीख की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता का कडाई से पालन करवाये। सरकारी भवनों पर पोस्टर, बैनर व अन्य चुनाव सामग्री न लगे। अगर लगी हुई पायी जाये तो वीडियोग्राफी करवा कर इसे हटाये और सम्बन्धित व्यक्ति, संस्था के विरूद्व कडी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।

प्रिन्टिंग प्रेस वाले सावधान रहें- जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आचार संहिता लगने के बाद किसी प्रिन्टिंग प्रेस ने बिना मुद्रक और प्रकाशक का नाम छापे कोई पेम्फलेट या पोस्टर छापा तो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951, भारतीय दण्ड संहिता और पीआरबी एक्ट में कडी कारवाई कर प्रिन्टिंग पं्रेस को जब्त करने तक की कार्रवाई की जायेगी।

सेक्टर अधिकारी क्षेत्रा का दौरा करें- जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि सेक्टर अधिकारी अपने क्षेत्रा का दौरा करें। 18 साल से अधिक आयु के किसी व्यक्ति का मतदाता सूची में नाम नहीं है तो उसे नाम जुडवाने की प्रक्रिया समझाये। चुनाव घोषणा के बाद नाम किसी भी सूरत में नहीं जोडे जायेंगे। पटवारी, तहसीलदार और पुलिस के साथ ही आम जन से फीडबैक लेकर दो सूचियॉं तैयार करें। एक सूची उन असामाजिक तत्वों की होगी जो मतदाताओं को डरा-धमका कर वोट डालने से रोक सकते हैं या किसी प्रत्याशी विशेष के पक्ष में मतदान के लिए अनुचित दबाव बना सकते हैं। यह सूची जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सम्बन्धित पूलिस थाने को उपलब्ध करवायें। ऐसे लोगों को निरूद्ध या पाबन्द करने की कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी सूची में वे लोग होंगे जिन्हें वोट डालने से रोका जा सकता है। इन्हें प्रशासन पूरी सुरक्षा उपलब्ध करवायेगा तथा भयमुक्त होकर मतदान करने के लिए प्रेरित करेगा।

पुलिस के साथ गश्त करे- जिला निर्वाचन अधिकारी ने सेक्टर अधिकरियों को निर्देश दिए कि पुलिस जाब्ते के साथ गश्त करे विशेषकर कमजोर वर्गाें की बस्तियों में जाकर भयमुक्त मतदान करने के लिए उन्हें समझायें। किसी भी उम्मीदवार के साथ नजर न आयें, न ही कोई ऐसा कार्य करें कि उनकी निष्पक्षता पर कोई अगुली उठा सके।  शान्तिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी तैयारियॉं समय रहते कर लें। सभी सम्बन्धित अधिकरियों के कॉन्टैक्ट नम्बर रखें, किसी भी परिस्थिति में घबरायें नहीं और निष्पक्ष होकर कार्य करें।

स्थैतिक निगरानी दल का कार्य महत्वपूर्ण-चुनाव से पूर्व और चुनाव वाले दिन मतदाताओं को रिश्वत, शराब का वितरण रोकने के लिए निगरानी दल 24 घण्टे कार्यरत रहेंगे। ये किसी भी वाहन को चैक कर सकेंगे। किसी वाहन में या किसी व्यक्ति के पास  निश्चित मात्रा से अधिक नगदी, शराब या अन्य आपत्तिजनक सामग्री पाये जाने पर वाहन और इस सामग्री को जब्त करेंगे तथा मुकदमा दर्ज करवायेंगे।

प्रशिक्षण सावधानी से लें-उन्होंने सेक्टर अधिकारियों और स्थैतिक निगरानी दल के अधिकरियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण गम्भीरता और सावधानी से लें। यह न सोचें कि कई चुनाव करवा दिए, इसमें नई क्या बात है। दोहरान होने से इमरजेन्सी में जन्दी रेस्पोन्स दे सकेंगे। अपने अधीनस्थ और वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों के कार्य और कर्तव्य भी समझ लें जिससे तालमेल में आसानी हो। जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रारम्भिक रूप से 34 सेक्टर अधिकारी और 22 स्थैतिक निगरानी दल अधिकारी नियुक्त किए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट में मास्टर ट्रेनरों ने इन्हें प्रारम्भिक प्रशिक्षण दिया गया। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कानाराम, उप जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र सिंह चौहान, धौलपुर विधानसभा क्षेत्रा के निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मनीष फौजदार, सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भ्गवतीशरण त्यागी भी मौजूद थे।