समय पर इलाज नही मिलने से 11 दिन की सहरिया बच्ची की मौत

0
46

जे के लोन अस्पताल कोटा में ऑपरेशन के लिए पैसे मांगने का आरोप कनीराम सहरिया

फ़िरोज़ खान
बारां 1 अप्रेल । किशनगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत गरडा की इंद्रा कॉलोनी निवासी गायत्री सहरिया (25) की 11 दिन की बच्ची की शनिवार को समय पर उपचार नही मिलने से दोपहर 12 बजे करीब घर पर  मृतयु  हो गयी । पीड़ित महिला गायत्री सहरिया ने बताया कि 20 मार्च को किशनगंज अस्पताल में डिलेवरी हुई थी । उसके बाद बच्ची की तबियत ज्यादा  खराब होने पर 21 को शाम को इसको कोटा  के लिए रैफर कर दिया ।  और 24 मार्च को इलाज करवाकर वापस घर आ । 25 को इसको आशा ने एम्बुलेंस से इलाज के लिए फिर भेज दिया । तब से महिला अपनी नवजात शिशु के इलाज के लिए कभी किशनगंज, बारां , कोटा के चक्कर लगा रही है । मगर अभी तक उचित इलाज नही मिला है । नवजात की माँ ने बताया कि बच्ची दूध तक नही पी पा रही है । पैसे के आभाव में  इलाज नही हो पा रहा है । जो पैसा पास में था वह तो खर्च हो गया । उन्होंने बताया कि जे के लोन अस्पताल  कोटा   में भी मेरे से पैसे लिए गए  । और ऑपरेशन करने के लिए अलग से पैसे मांगे गए तो पैसा नही होने के कारण 29 मार्च को वापस घर पर आ गए । वही एचएमआरसी बारां को इस मामले की जानकारी मिली तो 31 मार्च को तुरंत ब्लॉक सीएम एचओ किशनगंज को अवगत कराया गया । मगर पीड़ित परिवार के पास चिकित्सा विभाग का कोई भी कर्मचारी नही पहुंचा । वहीँ शनिवार को फिर अवगत कराया गया तो गरडा उप स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम पहुँची । और जब तक एम्बुलेंस पहुंची तब तक बच्ची की मृतयु हो चुकी थी । इस महिला की यह तीसरी डिलेवरी थी । इसके एक लड़का व् एक लड़की हे ।
गिरवी रख इलाज के लिए जुटाया पैसा
गायत्री के पति कनीराम  सहरिया ने बताया कि पाव भर चांदी को गिरवी रखकर इलाज के लिए कोटा सरकारी अस्पताल में लेकर गए जहाँ दो दिन भर्ती रखा और डॉ ने कहा कि यहाँ मशीने नही है दूसरे अस्पताल में इसका इलाज करना पड़ेगा । यह कहकर उसको ले गए और 150 रुपए की तो पर्ची के ले लिए और जाँच करने के ले लिए और महिला को बोला की बच्ची का 29 मार्च को ऑपरेशन होगा । इनके पास पैसा  खत्म होने के कारण यह लोग घर आ गए । कनीराम ने बताया कि 31 मार्च को भी हमारे पास कोई भी नही आया था । नर्स तो शनिवार को आयी थी ।
जे के लोन अस्पताल कोटा में भी लूट
गायत्री के पति कनीराम ने बताया कि जे के लोन अस्पताल कोटा में पैसों से इलाज किया गया । जब तक मेरे पास पैसा था खर्च करता रहा और डॉ ने जैसे ही मेरे से कहा कि बच्ची का ऑपरेशन करना पड़ेगा । तेरे पास कितना पैसा है । तो में मेरी पत्नी व् बच्ची को लेकर कोटा से घर आ गया ।
जैसे ही जानकारी मिली तो एएनएम को मौके पर भेजा गया मगर यह लोग इलाज के लिए जाने को तैयार नही हुई । और शनिवार को भी एनएम को भेजा गया था । तब भी इन्होंने इलाज करवाने के लिए मना कर दिया था । बड़ी मुशिकल से समझाने के बाद जब यह लोग तैयार हुए और जब एम्बुलेंस पहुंची तो सुचना मिली की बच्ची की मृतयु हो गयी ।
डॉ ओपी नागर बीसीएमएचओ किशनगंज