मात्र 7 उपाय कर लिए तो आएगा पैसा ही पैसा,लक्ष्मी करेगी मालामाल

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गीतांजलि पोस्ट…(पंडित खगेन्द्र दाधीच)आज के समय मे हर कोई अर्थ सम्पन्न बनने के सपने देखता है क्यो नही देखे आखिर हमारे चार पुरुषार्थो में से एक है भी अर्थ अर्थात धन प्राप्त करना भी एक पुरुषार्थ है आज हम आपको बताएंगे जो आपको बना देंगे कम समय मे ही अर्थ सम्पन्न।
पहला उपाय-महालक्ष्मी व्रत के 15 दिनों में किसी भी रात 3 से 5 बजे के बीच उठें। अपने घर के उस स्थान पर  जायें,जहां से खुला  आसमान दिखता हो प्रायः घर मे ब्रह्म स्थान से आसमान दिखाई देता है, पश्चिम की ओर मुख करके, दोनों हाथ आसमान की ओर उठा कर, लक्ष्मी जी धन की भिक्षा मांगें।  फिर दोनों हथेलियों को मुंह की ओर फेर लें। कुछ दिनों में आमदनी के स्रोत बढ़ने लगेंगे। यह उपाय आप महालक्ष्मी व्रत  के 15 दिन के अलावा,किसी और दिन से भी शुरु कर सकते हैं।
दूसरा उपाय-रविवार को पुष्य नक्षत्र में, कुशमूल को गंगाजल से स्नान करायें। कुशमूल को देवता मान कर,उसकी पूजा करके, लाल  कपड़े में लपेट कर, तिजोरी में रखें। धनवर्षा होने लगेगी।
तीसरा उपाय-घर मे मनी प्लांट का पौधा लगाकर देखभाल करने से भी धन की आवक बढ़ती है ।
चौथा उपाय-घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीप जलायें। दीपक बुझने पर बचे हुये तेल को, पीपल के पेड़ पर शाम होने पर  चढ़ा दें। 7 शनिवार ऐसा करने से धन की कमी नहीं रहेगी।
पांचवा उपाय-रोज़ गाय को गुड़ दे और हरा चारा खिलाये अगर गाय आपके घर की तरफ देखले तो शीघ्र ही घर मे लक्ष्मी का वास होता है।
छठा उपाय-तुलसी का पौधा लगाकर उसकी नित्य पूजा की जानी चाहिए रविवार के दिन तुलसी छूना नही चाहिए ऐसा करने से धन की कमी कभी नहीं रहती।
सातवाँ उपाय-वेतन मिलने पर नगद वेतन घर लाकर पूजा स्थान में रखें। ऐसा करने से भी धन आगमन के योग बनेंगे। आज कल  प्लास्टिक मनी में वेतन आने से, लोग लक्ष्मी को घर नहीं लाते। लक्ष्मी जी को घर न लाने से, उनका अपमान होता है।  इसी वजह से लक्ष्मी जी घर के बाहर से ही चली जाती हैं।