विवाह में गठबंधन करने का अद्भुत रहस्य

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गीतांजलि पोस्ट……. (पंडित खगेन्द्र दाधीच) हम सब अक्सर विवाह-शादी के समय देखते है कि पाणिग्रहण संस्कार के दौरान पूजा विधि प्रारम्भ करने से पहले वर के कंधे पर डाले हुए सफेद दुपट्टे में होने वाली वधू की साड़ी के कोने में गांठ बांध दी जाती है इसे हम गठबंधन के रूप में भली भांति जानते है।इस बन्धन का प्रतीक अर्थ हम कह सकते है कि दोनो के शरीर और मन का एक संयुक्त इकाई के रूप में नई सत्ता का प्रारंभ होना इस गठबंधन को अजर-अमर इसलिए भी माना गया है कि जीवन लक्ष्य यात्रा में वर-वधू दोनों पूरक बनकर चलेंगे और सदैव एक दूसरे का साथ देंगे ।
यह पांच चीजे होती है गठबंधन में
गठबंधन करते समय वधू के पल्ले और वर के दुपट्टे के बीच सिक्का(पैसा),पुष्प,हल्दी,दूर्वा और अक्षत(चावल)ये पांच चीज भी बांधते है जिनका अपना अपना विशिष्ट महत्व है ।
सिक्का(पैसा)
लक्ष्मी का प्रतीक लेकिन धन पर किसी एक का पूर्ण अधिकार नही रहेगा बल्कि समान हक होगा।
पुष्प
पुष्प प्रसन्नता और शुभकामनाओ का प्रतीक माना जाता है  कि वर-वधू सदैव एक दूसरे को देखकर प्रसन्न रहे और हंसते-खिलखिलाते रहे।
हल्दी
हल्दी आरोग्य का प्रतीक मानी जाती है इसका गठबंधन में महत्व है कि वर-वधू एक दूसरे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को विकसित रखने के लिए प्रयत्न करते रहे ।
दूर्वा(दूब)
जिस तरह दूर्वा सूखी दिखने पर भी यह पानी डालने में हरी हो जाती है उसी तरह वर-वधू में भी अटूट प्रेम और आत्मीयता बनी रहे ।
अक्षत(चावल)
अन्नपूर्णा का रूप चावल है अर्थात जो भी अन्न वर या वधू द्वारा अर्जित किया जाए उसे अकेले नही मिलजुलकर खाये और परिवार के प्रति इस लक्ष्य को भी ध्यान में रखे ।