वैश्विक परिदृश्य में भारत के कूटनीतिक प्रयास

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गीतांजलि पोस्ट…शुक्रवार का दिन विश्व स्तर पर ऐतिहासिक रहा एक तरफ भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हो रही थी वही दूसरी और दक्षिणी कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन और उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग की वार्ता हो रही थी, जो विश्व राजनीति में बहुत बड़े बदलाव का संकेत कर रही हैं।

इतिहास के पन्ने पलट कर देखे तो नजर आता हैं की प्राचीन समय से एक राज्य दूसरे राज्य के मध्य आपसी संबंधो को मजबूत बनाने के लिए आपस में वार्ता की जाती रही हैं उसी प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए हमारे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी समय-समय पर विभिन्न देशो की यात्राएं करते रहे हैं। हाल ही में गुरुवार को अचानक बिना किसी पूर्व सूचना या वार्ता के मोदी जी चीन के वुहान शहर की यात्रा पर गए जहा चीन के राष्ट्रपति ने भी प्रोटोकॉल तोड़ कर उनका गर्म जोशी से स्वागत किया। दोनों देश के नेताओ की इस प्रकार की अनौपचारिक मुलाकात राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, व्यापारिक क्षेत्र में बहुत बडे बदलाव की ओर इशारा करती हैं। जैसा की सभी जानते हैं भारत और चीन एशिया की दो महाशक्तियां हैं, जहा विश्व की 40 प्रतिशत आबादी रहती हैं, व्यापारिक दृष्टि से देखे तो भारत की अर्थव्यवस्था करीब 173 लाख करोड़ रूपये की हैं तो चीन की 767 लाख करोड़ रूपये की हैं। दोनों देशो के मध्य व्यापारिक आदान-प्रदान भी होता आ रहा हैं, लेकिन पड़ोसी देश होने के कारण दोनों देशो में सीमा को लेकर विवाद चला आ रहा हैं करीब दो साल से दोनों के बीच चल रहे डोकलाम सीमा विवाद के बाद तो दोनों के आपसी संबधों में और अधिक कडवाहट हो गयी हैं , चीन अब अरूणाचल प्रदेश को भी दक्षिणी तिब्बत का क्षेत्र मानने लगा हैं। देखा जाये तो आज के वैज्ञानिक युग में कोई देश अलग-अलग नहीं रह सकता, देशों में पारस्परिक सम्बन्ध जोडऩा आज के युग में आवश्यक हो गया है। इन सम्बन्धों को जोडऩे के लिए योग्य व्यक्ति एक देश से दूसरे देश में भेजे जाते हैं जो अपनी योग्यता, कुशलता और कूटनीति से दूसरे देश को प्राय: मित्र बना लेते हैं।

आज यह जिम्मेदारी राष्ट्राध्यक्ष निभा रहे हैं अब देखना यह हैं कि इसका परिणाम क्या होगा ? इस अनौपचारिक मुलाकात से सभी अपेक्षा लगाये हुए की लम्बे समय से चल रहे चीन-भारत का आपसी मनमुटाव समाप्त होगा और दोनों देश एक होकर विश्व की महाशक्ति के रूप में उभरेगें।

रेणु शर्मा,जयपुर संपादक -गीतांजलि पोस्ट साप्ताहिक समाचार-पत्र
रेणु शर्मा,जयपुर
संपादक -गीतांजलि पोस्ट साप्ताहिक समाचार-पत्र

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