प्रकृति से खिलवाड का परिणाम:दिल्ली बन गयी जहरीली

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– प्रकृति से खिलवाड का परिणाम
– दिल्ली बन गयी जहरीली
– दिल्ली की गिनती विश्व के चार सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में
– ध्यान देना होगा वृक्षारोपण, यज्ञ, हवन की ओर
पिछले सप्ताह दिल्ली, दिल्ली एनसीआर के ज्यादातर के इलाके वायु प्रदूषण की चपेट में आ गयें हवा जहरीली बन गयी, हवा में मिली धूल ने राजधानी की हवा को इस कदर जहरीली बना दिया कि लोगों का श्वास लेना मुश्किल हो रहा हैं प्रदूषित हवा के कारण लोग कई तरह की बीमारियों का शिकार हो गये इसका ज्यादा असर अस्थमा के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों पर हो रहा हैं। जहां पीएम 10 का स्तर 100 के करीब ही होना चाहिए वो 4,385 तक पहुंच गया जिसके कारण आज दिल्ली की गिनती विश्व के चार सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में होने लगी हैं।

वायु प्रदूषण को रोकने के लिये सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों से दिल्ली के प्रदूषण में कुछ कमी जरूर आयी हैं लेकिन पूर्ण रूप से वायु प्रदूषण कम नहीं हुआ। दिल्ली की हवा जहरीली होने का मुख्य कारण वाहनों से निकलने वाली धुआ हैं जो वायु को प्रदूषित कर रहा हैं। वर्तमान समय में जिस प्रकार वाहनों की संख्या बढ रही हैं, लोग पर्यावरण के साथ छेडछाड कर रहे हैं, यदी समय रहते उसमें कन्ट्रोल नही किया गया तो वो दिन दूर नहीं जब सारे देश की हवा जहरीली हो जायेगी।

हमारे यहां सनातन काल से चले आ रहे हवन, यज्ञ जिससे पर्यावरण शुद्व होता था उसकी वर्तमान समय में समाज द्वारा अवहेलना की गयी जिसका परिणाम विभिन्न असाध्य बिमारियों, प्रकृतिक आपदाओं के रूप में हमारे समक्ष हैं, एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 4.6 करोड़ लोग वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से पीडित हैं।

यदी समय रहते हमने वृक्षारोपण, यज्ञ, हवन की ओर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में इसके घातक परिणाम देखने होगे। वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाये तो हवन करने से पर्यावरण में उपस्थित एस्पेर्गिल्लाुस, पेनिसिलियम, कर्वुलेरिया और क्लाओस्पोरियम नाम के बैक्टिरिया खप्म होते हैं। रसियन वैज्ञानिक डॉ शिरोविक के अनुसार हवन के दौरान दी जाने वाली आहुतियों से वायुमंडल में कुछ विशेष तत्व मिल जाते हैँ जो वर्षा के साथ धरती पर आकर धरती की ऊर्वरता को बढाते हैं। फ्रांस के वैज्ञानिक त्रेल्लाों ने सिद्व किया कि हवन मे काम मे आने वाली और हवन सामग्री एक साथ जलकर फोर्मलडीहाईड का निर्माण करती हैं जिससे वातावरण में आक्सीजन की मात्रा बढती हैं।

सरकार को चाहिये देश में बढते प्रदूषण को रोकने के लिये वाहनों की संख्या घटाने के साथ-साथ वृक्षारोपण, यज्ञ, हवन की ओर ध्यान भी दे जिससे समय रहते पर्यावरण प्रदूषण पर रोक लग सके नहीं तो वह दिन दूर नही जब सारे देश की हालात दिल्ली जैसी हो जायेगी।

रेणु शर्मा,जयपुर
संपादक -गीतांजलि पोस्ट साप्ताहिक समाचार-पत्र

(रेनू शर्मा)