सीएडी के छंटनीशुदा कर्मचारियों को मिला इंसाफ

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कोटा (के.डी. अब्बासी)। शहर के सीएडी के छंटनीशुदा कर्मचारियों को 35 साल बाद शहर के श्रम न्यायालय से न्याय मिल गया है। प्रत्येक कर्मचारी को न्यायालय ने दो-दो लाख रुपए मुआवजे के रूप में देने के आदेश जारी किए हैं। यह फैसला सुनते ही कर्मचारियों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई और अपने संगठन के पक्ष में जोरदार नारेबाजी करके अपनी खुशी का इजहार किया।

सिंचाई मजदूर संघ कोटा के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सयुंक्त संघर्ष समिति व छंटनीशुदा कर्मचारियों के संयोजक बद्रीलाल कर्ण ने बताया कि सीएडी प्रोजेक्ट कोटा में 30 मई 1983 को सामूहिक छंटनी कर सीएडी दायी मुख्य नहर और सीएडी उपखंड सुल्तानपुर कोटा के 64 कर्मचारियों को हटा दिया गया था।

उसके बाद से कर्ण इन मजदूरों के लिए न्यायालय में, धरने-प्रदर्शन और भूख हड़ताल करके न्याय दिलवाने के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे थे। फैसले से मजदूरों को खुशी मिली है। उन्होंने बताया कि मुआवजा राशि आगामी दो माह में अदा नहीं करने पर नौ प्रतिशत ब्याज के रूप में देना होगा। मुकदमे की पैरवी एडवोकेट अनिल शर्मा ने की।