भगवान का बनाया अनमोल रिश्ता है शादी

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वैसे तो इस दुनिया में बहुत से रिश्ते हैं जैसे भाई-बहन, मां-बाप, चाचा-चाची, ताऊ-ताई, जीजा-साली, आदि। इन सब रिश्तों का अपनी जगह एक खास मतलब होता है। पर दुनिया का सबसे खास रिश्ता है पति-पत्नी का। लेकिन आज के मॉडर्न समय में सबका विचार शादी के बारे में बदल चुका है। आज के समय में लड़कियों और लड़कों दोनों की ही राय में शादी के बारे में अलग अलग धारणाएं हैं। कई लोग समझते हैं कि शादी करना एक आफत है। तो कई लोग सोचते हैं की शादी जिंदगी की एक जरूरत है। हर एक व्यक्ति की अलग-अलग धारणाएं होने के कारण आज शादी के मायने ही बदल गए हैं।

माना जाता है कि पति और पत्नी एक-दूसरे के पूरक होते हैं। इसलिए यदि जनम लिया है तो शादी भी करनी जरूरी है। दोनों को एक-दूसरे के साथ की जरूरत होती है। जिंदगी का इतना लंबा सफर अकेले नहीं काट जा सकता है। शादी करने से घर और जिंदगी को संभालने वाला विश्वसनीय साथी मिलना बहुत जरूरी है। शादी जिंदगी की निजी जरूरत है, क्योंकि पति/पत्नी जैसा दोस्त मिल ही नहीं सकता। शादी करने के बाद आप दोनों एक दूसरे को पूरा करते हैं और कहा जाता है की शादी न करने से समाज में भी इज्जत नहीं मिलती।

शादी करना वैसे तो जिंदगी की जरूरत हैं और यदि शादी नहीं होती तो समाज के ताने सुनने पड़ते हैं। इसीलिए तो मां-बाप भी उम्र होते ही बच्चों पर दबाव डालना शुरू कर देते हैं। यदि समय से शादी न हो तो कई बार समाज में हास्य का विषय भी बनना पड़ता है। कई बार तो पूर्ण विकास नहीं हो पाता। यदि शादी न हो तो एक अच्छे दोस्त की कमी हमेशा खलती है। इसके साथ यदि कई बार एक विश्वास भरे साथ की जरूरत होती है तो वो भी नहीं मिल पाता और सबसे अहम बात शादीशुदा रिश्ता जिंदगी की अहम जरूरतों को पूरा करता है, जो गैर शादीशुदा होने पर पूरी नहीं हो पातीं हैं।

शादी न होने पर समाज में स मान नहीं मिल पाता। पति-पत्नी दोनों साथ मिलकर एक दूसरे को पूरा करते हैं। इसके साथ यह पता होना चाहिए कि पति-पत्नी एक दूसरे के पूरक भी होते हैं। पति-पत्नी का रिश्ता एक आवश्यकता है और इस रिश्ते को जरूर बनाना चाहिए। दुनिया में हर आदमी अच्छे स्वस्थ संबंधों की इच्छा रखता है। अच्छे संबंध पति-पत्नी को बेहतर इंसान बनाने में मदद करते हैं। इस बात मना भी नहीं कर सकते कि समाज में रहने के लिए पति और पत्नी दोनों को ही एक दूसरे के साथ की जरूरत होती है।

जवानी को भले ही मौज मस्ती में काट लें लेकिन जब जवानी के दिन जाने लगते हैं तो अकेलापन लगने लगता है। उम्र ढलने पर उन्हें ज्यादा देखभाल की भी जरूरत होती है। इन दिनों में सबसे ज्यादा एक साथी की जरूरत महसूस होती है। इसके साथ इस उम्र में एक हाथ चाहिए होता है जिससे थम कर जिंदगी की राह को आसान किया जा सके और आगे बढ़ कर अपनी जिंदगी को खुशहाल बनाया जा सके। इसलिए शादी करनी जरूरी है।

लेकिन ये भी सच है कि शादी के बिना कोई पूरा नहीं होता न ही कभी सं मान मिलता है। इसके साथ शादीशुदा रिश्ता जिंदगी की अहम जरूरतों को पूरा करता है। जो गैर शादीशुदा होने पर पूरी नहीं हो पातीं हैं। जिंदगी में कई ऐसे मोड़ आते हैं जहां जीवनसाथी की बहुत जरूरत होती हैं। इसके साथ ही साथी के रूप में कई बार एक अच्छा दोस्त भी मिल जाता है। इसीलिए शादी करना बहुत जरूरी है। शादी भगवान का बनाया अनमोल रिश्ता है। जिसके कारण जिंदगी के नए नए दौर देखने को मिलते हैं और शादी जीने और जिंदगी के मतलब को पूरा करती है। इसीलिए शादी करना बहुत जरूरी है।

रेणु शर्मा

(लेखिका गीतांजलि पोस्ट की प्रधान सम्पादक हैं)