आ गया समय मतदाताओं से लुभावने वायदे करने का

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जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनावों के लिए रणभेरी बज चुकी है। चुनाव के महज 10 दिन बाकी हैं। सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों द्वारा जनता को रिझाने के लिये अपने-अपने क्षेत्रों में जोर शोर से चुनाव प्रचार किया जा रहा हैं। सोशल मीडिया से लेकर चुनावी सभाए कर मतदाताओं को रिझााने का काम चल रहा हैं। इसके लिये केन्द्र से काग्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और बीजेपी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक राजस्थान में चुनाव प्रचार के लिये आ गये हैं और जनता से अपनी-अपनी सरकार बनाने की अपील कर रहे हैं । एक ओर वह अपने कार्याे का बखान कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर अन्य पार्टीयों पर कटाक्ष भी कर रहे हैं। चुनावों में एक बात ओर प्रमुख हैं कि भाजपा को कांग्रेस के साथ-साथ अन्य पार्टीयों को अपने ही बागियों और नाराज नेताओं से मुकाबला भी करना पड रहा हैं।
अलवर में चुनावी सभा में मोदी जी ने कहा कि , कांग्रेस जातिवाद का जहर फैलाने से बाज नहीं आ रही। दलितों और पिछड़ों के प्रति नफरत का भाव कांग्रेस की रगों में भरा पड़ा है। अलवर की धरती गौरव और अहंकार को चूर करने वाली है। यहां के लोग नामदारों के अहंकार को चकनाचूर कर देंगे। कांग्रेस में हिम्मत हो तो वसुंधरा जी ने जो काम किया है, उसे चुनौती दें। लेकिन उनकी सरकार के कार्यकाल का हिसाब इतना बुरा है कि उसे याद करने की भी हिम्मत नहीं है। बुधवार को डॉ. सीपी जोशी ने नाथद्वारा के सेमा गांव में चुनावी सभा कहा था, ऋतंभरा और मोदी की जाति क्या है, ये हिंदू धर्म के बारे में कैसे बात करते हैं? इस देश में अगर धर्म के बारे में कोई जानता है तो पंडित जानता है। अजीब देश हो गया है। उमा भारती लोधी समाज की हैं और वो हिंदू धर्म की बात कर रही हैं।

आपराधिक मामलों को बोल्ड अक्षर में दर्ज करे-राजनीति में अपराधीकरण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों को अपने प्रत्याशियों के आपराधिक मुकदमों के बारे में पूरी जानकारी मतदाताओं को देनी होगी। चुनाव आयोग ने भी सभी राजनीतिक दलों और राज्यों के मुख्य चुनावों अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि चुनाव आयोग के फॉर्म में प्रत्याशी अपने ऊपर चल रहे आपराधिक मामलों को बोल्ड अक्षर में दर्ज करें। राजनीतिक दलों के उम्मीदवार अपने ऊपर दर्ज सभी आपराधिक मामलों का ब्यौरा दें।