गौमूत्र से बनाये सुरक्षित पौध संरक्षण औषधि

0
8
सीताराम आचार्य
सेवानिवृत कृषि अधिकारी

अकसर फसलों में कीडे, फंगस , बैक्टिरियां या वायरस जनित बिमारी होती रहती हैं जिसके लिये किसान रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग करता हैं जो जहरीला प्रभाव छोडता हैं जो मनुष्य, जानवरों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुंचाता हैं यदी फसल को रोग मुक्त बनाने के लिये रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर गौमूत्र से बना कीटनाशक काम में ले तो रासायनिक कीटनाशकों से होने वाली समस्याओं से बचा जा सकता हैं जो एक तरफ फसल की बिमारियों की रोकथाम करता हैं वही दूसरी ओर इससे मनुष्य और जानवरों को किसी प्रकार का नुकासन नही होता साथ ही फसल को सुरक्षा के साथ-साथ पौषक तत्व भी मिलते हैं।

कैसे बनाये गौमूत्र से पौध संरक्षण औषधि-

गौमूत्र से बनाये सुरक्षित पौध संरक्षण औषधि बनाने के लिये एक मटके में ं15 लीटर गौमूत्र लेवे। उसमें एक किलों नीम के पत्ते, एक किलों आकडा के पत्ते सहित छोटे डण्ढल, एक किलों धतूरा के छोटे पत्ते सहित डण्ढल सहित कुट्टी करके डाल दे एंव उसमें कुछ तांबे के तार के टुकडे करके डाल दे और इसे बन्द करके रख दे। (नोट- यदी सर्दीयों का मौसम हो तो इसे गौबर की रूडी में गाड दे और गर्मियों का मौसम हो तो औषधि बनाने के पात्र को धूप में रख दे। ) करीब एक माह में यह सड जायेगा तब इसमें 200 ग्राम लहसुन कुट कर डाल देवे एंव इसे चूल्हे पर रख कर तब तब उबाले जा तक यह एक तिहाई यानि 5 लीटर हो जावे। अब इसे छानकर किसी जरीकन में डाल ले ।

कैसे प्रयोग में ले यह पौध संरक्षण औषधि-

फसल में किसी भी प्रकार के कीडे, फंगस , बैक्टिरियां या वायरस जनित बिमारी के लिये एक लीटर पानी में 5 एमएल दवा मिलाकर फसल पर छिडकाव करेंं।