न्याय के लिए गैंगरेप पीड़िता ने लगाई कमिश्नर , मुख्यमंत्री और राज्यपाल से न्याय की गुहार

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गीतांजलिपोस्ट…( रेणु शर्मा) जयपुर। गैंगरेप पीड़िता ने लगाई जयपुर पुलिस कमिश्नर , मुख्यमंत्री और राज्यपाल के पास न्याय की गुहार।

गौरतलब हैं राजस्थान की राजधानी जयपुर में अजमेर रोड़ स्थित स्टारडम रिसॉर्ट्स में 18 नवंबर को हुए सामुहिक बलात्कार ( गैंगरेप ) के मामले में पीड़िता द्वारा दर्ज एफ आई आर पर  पुलिस कोई ठोस कारवाही नही कर पायी।

गौरतलब है कि 18 नवंबर को पीड़िता  ने भांकरोटा थाने में 376 D का मुकदमा दर्ज करवाया था , पीड़िता के 164 के बयान हो चुके हैं ।

इस मामले में पीड़िता को न्याय दिलवाने के लिए जयपुर के कुछ सामाजिक संगठन उतर आए हैं।  दी डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ सुनील शर्मा , अनिता शर्मा एडवोकेट, शिव जोशी एडवोकेट,अखिलेश जोशी एडवोकेट ,सोनल तनेजा एडवोकेट,ममता वशिष्ठ पलशिखर एडवोकेट (प्रदेश महामंत्री, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस), वीरेंद्र सैनी एडवोकेट, स्वीटी मिश्रा एडवोकेट,राज शर्मा (संस्थापक,बेटी फाउंडेशन), नीलम क्रांति (महिला विंग प्रभारी,आम आदमी पार्टी), भावना शर्मा (सचिव,कौशल शिक्षा केन्द्र समिति), अंजना शर्मा (उपाध्यक्ष,महिला विंग,आप पार्टी युवा जागृति संगठन), डॉ निशा माथुर(ब्रांड एम्बेसडर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान एवं उपाध्यक्ष, भारत रक्षा मंच), सीमा राठौड़ (पत्रकार,चाणक्य वार्ता), संजना शर्मा(स्किन स्पेशलिस्ट), अनीता शर्मा(एन जी ओ कोर्डिनेटर, राजस्थान कामदार कांग्रेस), मुकेश शर्मा, डॉ अंजलि स्वामी(अवेयर इंडिया नेशनल डेवेलपमेंट फॉउंडेशन) यश राजस्थानी (चाइल्ड आर्टिस्ट) इत्यादि के एक प्रतिनिधि मंडल ने एडवोकेट अनिता शर्मा की अगुवाई में पीड़िता को न्याय दिलवाने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव , मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राज्यपाल कल्याण सिंह को ज्ञापन सौपा हैं । कमिश्नर, मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने पीड़िता को निष्पक्ष न्याय दिलवाने का वायदा किया।

पीड़िता ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि घटना में शामिल नामजद आरोपित सचिन गुप्ता, निखिल गुप्ता, पंकज चटवानी को गिरफ्तार नही किया गया, पुलिस द्वारा उनके बचाव के प्रयास किये जा रहे है और जिससे मुकदमे की जांच ढीली चल रही हैं। आरोपित सचिन गुप्ता, निखिल गुप्ता, पंकज चटवानी बहुत बार पुलिस के सम्पर्क में आ चुके है उसके बाद भी पुलिस उनको गिरफ्तार करने में आनाकानी कर रही है।

पीड़िता के वकील डॉ सुनील शर्मा ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि आरोपितों को खुले छोड़ने से वे घटना से सम्बंधित सबूत मिटाने ओर मामले में सेटिंगबाजी करने में लगे है, पीड़िता को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे है। पीड़िता को साथ लेकर उन्होंने पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग को मामला बताया तब गर्ग ने 40 दिन से इस घटना की जांच कर रहे अधिकारी dysp रामवतार सोनी से जांच बदलवा कर ACP रतन सिंह को दिलाई गई हैं लेकिन अभी तक इस मामले में कारवाही लंबित ही हैं।