विश्वकर्मा शर्मा मैथिल समाज के सम्मेलन आयोजित

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गीतांजलि पोस्ट (अरविन्द) ….बदायूं (उत्तर प्रदेश) भाजपा सरकार में लगातार शर्मा मैथिल विश्वकर्मा समाज पर उत्पीडन और अत्याचार हो रहा है। समाज अन्याय और अत्याचार के बिरुद्ध संघर्ष करें तभी सम्मान बचेगा।उक्त बाते आज अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीयअध्यक्ष पूर्वमन्त्री श्री राम आसरे विश्वकर्मा ने जनपद बदायूं के बिनावर में शिव मन्दिर मैदान मे आयोजित विश्वकर्मा शर्मा मैथिल समाज के सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कही। सम्मेलन के मुख्य अतिथि सांसद श्री धर्मेन्द्र यादव तथा विशिष्टअतिथि रामआसरे विश्वकर्मा थे। संचालन प्रदेश सचिव राजपाल शर्मा तथा अध्यक्षता पुरूषोत्तमलाल शर्मा जिलाध्यक्ष ने किया। सांसद श्री धर्मेन्द्र यादव ने कहा विश्वकर्मा समाज हमेशा समाजवाद़ी पार्टी के साथ रहा है। हम इस समाज को मजबूत करने और इनके सम्मान की सुरक्षा करने का हमेशा प्रयास करेगे।

मेरा दरवाजा विश्वकर्मा समाज के लिये हमेशा खुला रहेगा। श्री विश्वकर्मा ने कहा मैथिल शर्मा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है लेकिन इतिहासकारों ने इतिहास को मिटाकर मैथिल विश्वकर्मा समाज के साथ अन्याय किया है। हमें अपने सम्मान को पाने के लिये एकजुट होना पडेगा। अब भाजपा सरकार ने हमारे आराध्य देव भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस के सार्वजनिक अवकाश को निरस्त कर उनका अपमान कर दिया।सपा सरकार में मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा पूजा दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर विश्वकर्मा समाज का सम्मान और पहचान बनाया था जिसे भाजपा सरकार मिटा रही है।जब तक विश्वकर्मा समाज के लोग राजनैतिक फैसले नहीं लेगे और समाज के विधायक सांसद और मन्त्री नहीं बनेगें तब तक न तो समाज मजबूत होगा और न समाज को भागीदारी मिलेगी।सपा सरकार में राम आसरे विश्वकर्मा को मन्त्री बनाकर सरकार में भागीदारी दी गयी थी।परिणाम स्वरूप विश्वकर्मा समाज के विकास के लिये नीतियां बनायी गयी।मुजफ्फरनगर सहारनपुर शामली शाहजहांपुर गोरखपुर इलाहाबाद इटावा फिरोजाबाद आजमगढ़ सहित कई शहरों में विश्वकर्मा के सम्मान में विश्वकर्मा चौक विश्वकर्मापार्क विश्वकर्मा पुस्तकालय और विश्वकर्मा बारातगृह और रैनबसेरा बनाये गये।विश्वकर्मा समाज के लिये इण्टर और डिग्री कालेज खोले गये। विश्वकर्मा समाज के भूमिहीन लोगो को वर्कशाप और कुटीर उद्योग लगाने के लिये ग्रामसभा की जमीनो का पट्टा दिया गया।

सपा सरकार में मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने सरकारी नौकरियों में भर्ती हेतु इण्टर पास विश्वकर्मा समाज के लडको को आईटीआई का प्रमाणपत्र देने का शासनादेश जारी किया। भाजपा की केन्द्र सरकार ने उस पर रोक लगा दिया था। श्री विश्वकर्मा ने समाज से अपील की वे एक नजर अपने कारोबार पर और एक नजर सरकार पर रखें और जो सरकार समाज के हितो के विपरीत काम करे उस सरकार को बदलने के लिये तैयार हो जाये। श्री विश्वकर्मा ने कहा कि भाजपाराज में विश्वकर्मा समाज के लोगो की हत्याएं और उनकी जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं।न तो पुलिस कार्यवाही कर रही है और न भाजपा सरकार सुनवाई कर रही है। सपा सरकार में बात बात पर आन्दोलन करने वाले विश्वकर्मा समाज के नेता भाजपा सरकार के विरोध में बोलने के लिये तैयार नहीं है। समाजवादी पार्टी की सरकार में हत्या होने पर सरकार तत्काल कार्यवाही करती थी और मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोष से उस परिवार की मदद भी होती थी। श्री विश्वकर्मा ने कहा कि आपसी भेदभाव छोडकर सभी मैथिल शर्मा पांचाल धीमान जांगिड विश्वकर्मा एकजुट हो और समाज के अत्याचार और उत्पीडन की लडाई खुद लडे तभी लोग सुरक्षित होगे।दवा और इलाज मंहगा होने के कारण लोग इलाज के अभाव में मर रहे है और सरकार मदद नही कर रही है। श्री विश्वकर्मा ने पूछा कि अच्छे दिन लाने का वादा करने वाली भाजपा सरकार में न अच्छे दिन आये न तो किसी को नौकरी मिली और न किसी खाते में पन्द्रह लाख रूपये आये।

यह सरकार पिछडे वर्गो के आरक्षण को समाप्त करने की साजिश कर रही है। अगर आरक्षण समाप्त हो गया तो पिछडे वर्ग के किसी ब्यक्ति को नौकरी नहीं मिलेगी।पहले विश्वकर्मा समाज अपने पुश्तैनी लोहे और लकडी के कारोबार पर गुजारा कर लेता था लेकिन बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के आने के कारण उनका बाजार पर कब्जा हो गया और विश्वकर्मा समाज बेरोजगारी और भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। श्री विश्वकर्मा ने मांग कि सरकार लोहे लकडी का कारोबार तथा आरा मशीनों का लाइसेंस विश्वकर्मा समाज के लिये आरक्षित करे और लकडी कारोबार पर लगा जीएसटी समाप्त करे तथा सरकार समाज के रोजगार हेतु विशेष सुविधायें दे। विश्वकर्मा समाज को जनसंख्या के आधार पर सरकारी नौकरियों सरकारी पदों तथा राजनीति और सरकार मे हिस्सेदारी देने का काम करे।समाज अब अपना अधिकार अपनी हिस्सेदारी लेने के लिये सडक से लेकर संसद तक पर संघर्ष करने के लिये तैयार रहे। श्री विश्वकर्मा ने विश्वास दिलाया कि हम विश्वकर्मा समाज के सम्मान और स्वाभिमान की लडाई में आपके कन्धे से कन्धा मिलाकर संघर्ष करेगे। कार्यक्रम को संजय शर्मा, मनोहर शर्मा, नरेशचन्द्र शर्मा, रोहताश शर्मा सुनील शर्मा राजवीर शर्मा रामनरेश शर्मा ने सम्बोधित किया।