हरिहरानंद महाराज के हाथों रोज चुग्गा-पानी लेने वाले मोर की ऐसी श्रद्धांजलि

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गीतांजलि पोस्ट … अमेश बैरड़ ओसियाँ (जोधपुर)

ओसियाँ- यह दृश्य जाजीवाल धोरा स्थित गुरु जंभेश्वर मंदिर का है। यहां के संत हरिहरानंद महाराज बुधवार शाम को जोधपुर में देवलोकगमन हो गए। वे देर शाम तक मंदिर नहीं लौटे तो उनका प्रिय मोर भजनदास उदास हो गया। फिर उनकी देह को बैकुंठी व दर्शन के लिए रखा तो मोर भी वहां पहुंच गया। महाराज में कोई हलचल नहीं देख वह विचलित सा होकर उनकी देह के पास घूमता रहा। बार-बार उनकी तरफ देखता रहा। फिर भी कोई हलचल नहीं हुई तो उसके भी आंसू निकल आए। महाराज को जब तक समाधिस्थ नहीं किया गया तब तक वह रातभर वहीं रहा।