सुनो जनता अब मन बना लो, झांसे में नहीं आयेंगे

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सुनो जनता अब मन बना लो,
झांसे में नहीं आएंगे

छोड़ो मुफ्त का, वोट संभालो
खुद ही अपना भविष्य बचा लो
चौसर बिछाए बैठे है दल
लालची सब बिक जाएंगे
लालच छोड़ो, भार उठालो
पीढ़ियों को तारेंगे
सुनो जनता अब मन बना लो,
झांसे में नहीं आएंगे

कब तक आस लगाओगे तुम
बिक़े हुए गद्दारो से,
कैसे रक्षा मांगोगे तुम
आतंकवाद परस्तो से
स्वयं जो लज्जा हीन पड़े हैं
वे क्या लाज बचाएंगे
लालच छोड़ो, बली चढ़ादो
तब विश्व गुरु बन पाएंगें
सुनो जनता अब मन बना लो,
झांसे में नहीं आएंगे

70 वर्ष का ये लोकतंत्र
अब गूंगा बेहरा भी है
होंठ सिल दिए आवाजों के,
और कानों पर पहरा भी है
तुम ही दिखाओ अब ताकत तुम्हारी
लोकतंत्र के तुफानो को
देश मांग रहा साथ तुम्हारा
भविष्य के उजियारे को
सुनो जनता अब मन बना लो,
झांसे में नहीं आएंगे

जनता का है ये नारा
सबका साथ विकास हो हमारा
हम तो वो अंगार है
जिसको कोई मिटा न सके
कोई नही जो राष्ट्रवाद
चिंगारी को भुझा सके
एक भारत श्रेष्ठ भारत
यही तो परिवार हमारा
सुनो दलों, अब मन बनाया
मतदान, सही जगह कर आएंगे
परम राष्ट्र की उन्नति में भागीदार बन जाएंगे
झांसे में नहीं आएंगे, अब झांसे में नही आएंगे।
भारत माता की जय

डॉ लोकेश चतुर्वेदी